गैर इरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी ने तीन सगे भाइयों समेत कुल चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
थाना क्षेत्र हंसवर के सेमउर खानपुर निवासी मंगरू ने वर्ष 2012 में दर्ज कराए केस के जरिये कहा था कि शाहगंज जौनपुर निवासी उनके रिश्तेदार किंसराज आए हुए थे। 26 अगस्त को दिन में एक बजे गांव निवासी तीन सगे भाई बाबूराम, संतराम व श्रीलाल समेत बाबूराम के पुत्र रवि ने उनके रिश्तेदार से विवाद शुरू कर दिया।
मेरा पुत्र गोविंद व भाई सीताराम बचाने के लिए दौड़ा तो उस पर भी हमलावर हो गए। लाठी व बल्लम से किए गए हमले में सीताराम गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्टट्रैक कोर्ट प्रथम महेन्द्र सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि समाज में ऐसे मामलों में अच्छा संदेश जाने के लिए उचित दंड दिया जाना जरूरी है। उन्होंने चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया।