प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व कर रहे हसन अस्करी मजलिसी ने कहा कि अकबरपुर फैजाबाद मार्ग पर कर्बला व ईदगाह स्थित है। ईदगाह का प्रयोग सुन्नी समुदाय के लोग ईद व बकरीद के मौके पर करते हैं, जबकि शिया समुदाय के लोग वर्षों से इसका प्रयोग 10 मोहर्रम, 19 सफर, 28 सफर व 21 रमजान को करते हैं।
इन मौकों पर जुलूस पहले ईदगाह जाता है। इसके बाद कर्बला पहुंचता है। 10 मोहर्रम को ईदगाह का गेट नहीं खोला गया जिससे हंगामें की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। हालांकि बाद में जुलूस को कर्बला मेें ले जाकर संपन्न कराया, जिससे दोनों वर्गों में टकराव को रोका गया।
अब इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार 19 सफर को इमाम हुसैन का चेहलुम मनाया जाएगा, ऐसे में जुलूस ईदगाह जाएगा। ईदगाह में ताला बंद होने के चलते एक बार फिर से असहज स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में न सिर्फ ईदगाह का ताला खोलवाया जाए, बल्कि कर्बला तक जाने वाले मार्ग पर ईदगाह का विस्तारीकरण करते समय किए गए अतिक्रमण भी हटवाया जाए।
वक्ताओं ने कहा कि बीते दिनों न सिर्फ कर्बला की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया वरन कब्रिस्तान की भी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। ऐसे में पैमाइश कराई जाए। इस दौरान अंजुमन अध्यक्ष गालिब अब्बास, सचिव रेहान जैदी, मेहदी रजा, मुमताज हुसैन आदि मौजूद रहे।