सरयू नदी का जलस्तर अब घटना शुरू हो गया है। सोमवार के सापेक्ष नदी का जलस्तर मंगलवार को 11 सेमी नीचे दर्ज किया गया। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पिछले कई दिन से नदी के जलस्तर में उफान का दौर देखने को मिल रहा था। तेजी से उफना रही
सरयू नदी का रौद्ररूप देख लोगों की चिंता बढ़ने लगी थी। प्रशासन भी सक्रिय हो गया था, क्योंकि नदी का पानी तेजी से खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा था। प्रशासन ने हालांकि पहले ही 34 बाढ़ चौकियों को चिंहित करने के साथ ही संबंधित कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया था।
एसडीएम नरेंद्र सिंह ने तहसील स्तरीय अफसरों व कर्मचारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा भी लिया और कहा कि निजी नावों की व्यवस्था भी की जाए। सोमवार को नदी का पानी खतरे के लाल निशान 90.73 मीटर से 50 सेमी नीचे था। बाढ़ प्रखंड के अभियंता प्रदीप ने बताया कि नदी का पानी 11 सेमी कम हुआ है। कहीं से कटान या गांव में पानी प्रवेश करने की कोई सूचना नहीं है।
जिले में तीन दिन से हो रही बारिश के चलते आम जनजीवन प्रभावित हुआ। मंगलवार को भी दिन भर बारिश हुई। बारिश के के चलते जगह जगह जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बाजारों में सन्नाटा रहा।
विद्यालयों में छात्र छात्राओं की उपस्थिति पर असर पड़ा तो सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी लेटलतीफ पहुंचे। बारिश से किसान जरूर गदगद हैं। लगातार पानी मिलने से धान रोपाई का कार्य तेज हो गया है। रविवार को शुरू हुआ बारिश का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा।
मंगलवार को बारिश कुछ समय के लिए धीमी जरूर रही। भोर से ही शुरू हुई बारिश के चलते छात्र छात्राओं को स्कूल जाने में परेशानी हुई। निजी विद्यालयों में तो छात्र छात्राएं पहुंचे, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। बारिश के चलते सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर जाने में विलंब हुआ।
बारिश में भीटी बाजार निवासी देवनरायन का कच्चा मकान सोमवार रात ढह गया। उस समय परिवार के सदस्य बाहरी हिस्से में मौजूद थे जिससे वह चपेट में आने से बच गए। पीड़ित के अनुसार मलबे की चपेट में आने से करीब 50 हजार की संपत्ति को नुकसान हुआ है।
जलालपुर के रफीगंज क्षेत्र में रामफेर की दीवार ढह गई। मंगुराडिला में शमीम के कच्चे घर की छत गिर गई। वही, अकबरपुर क्षेत्र की बौद्धविहार कालोनी में मंगलवार सुबह बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आकर एक वृद्ध गंभीर रूप से झुलस गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
इस हादसे से स्थानीय लोगों में पावर कॉर्पोरेशन अधिकारियों के प्रति नाराजगी है। कालोनी निवासी मनीराम (70) मंगलवार सुबह खेत की तरफ जा रहे थे। इस दौरान उनका हाथ रास्ते में लगे बिजली के एक खंभे से छू गया। खंभे में करंट उतरा था। मनीराम उसकी चपेट में आ गए।
शोर सुनकर लोगों ने मौके उन्हें खंभे से अलग किया लेकिन तब तक वह गंभीर झुलस चुके थे। परिवारीजनों ने मनीराम को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां हालत गंभीर होने पर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।