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कार्रवाई के बावजूद कार्य बहिष्कार पर अड़े लेखपाल

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अंबेडकरनगर। तमाम सख्ती के बावजूद आंदोलन पर डटे लेखपाल कदम पीछे हटाने को तैयार नहीं है। केस दर्ज होने, निलंबति किए जाने व ब्रेक इन सर्विस जैसी कार्रवाई के बावजूद शनिवार को भी लेखपाल मनमानी पर उतारू रहे। अकबरपुर समेत कई तहसीलों में हड़ताल पर डटे रहे। कहा कि चाहे जो कार्रवाई हो, लेकिन कदम पीछे नहीं खीचेंगे।
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जिलाध्यक्ष रामचरन दुबे ने कहा कि सरकार उनकी आवाज को बलपूर्वक दबाना चाहती है। पुरानी पेंशन बहाली, पदोन्नति, अतिरिक्त कार्य न लिए जाने, वेतन विसंगति दूर करने जैसी मांगों को लेकर संघर्ष किया जा रहा है। आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को सरकार दबाने की कोशिश कर रही है। सरकार के निर्देश पर प्रशासन आंदोलन पर डटे लेखपालों पर न सिर्फ केस दर्ज कर रहा बल्कि निलंबन व ब्रेक इन सर्विस जैसी कार्रवाई भी की जा रही है। दरअसल, आंदोलन पर डटे लेखपालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अब तक जिलाध्यक्ष समेत 42 लेखपालों पर केस दर्ज किया जा चुका है।
21 लेखपालों को न सिर्फ निलंबित किया गया बल्कि 48 पर सर्विस ब्रेक की कार्रवाई की गई है। कार्रवाई के बावजूद शनिवार को भी लेखपाल हड़ताल पर डटे रहे। उधर, मनमानी पर उतारू लेखपालों ने शनिवार को नई चेतावनी दे डाली। बोले, मांगों का निस्तारण नहीं किया गया और फर्जी तरीके से दर्ज केस वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर लेखपाल रामशेष वर्मा, रामनरायन, रामजीत, दीपनरायण, श्रीप्रकाश, अमजद अली आदि मौजूद रहे।
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