न्यायालय के स्थगन आदेश का पालन करवाने पहुंची पुलिस की पिटाई से नाराज मनरेगा मजदूरों ने गुरुवार को खजुरी बाजार के निकट भीटी महरुआ मार्ग जाम कर दिया। उन्हें समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया। साथ ही पैमाइश होने तक पटाई कार्य रुकवा दिया गया।
लगभग एक घंटे बाद मौके जिला पंचायत सदस्य कृष्णावती के पहुंचने पर मनरेगा मजदूरों व ग्रामीणों ने एक फिर से भीटी महरुआ मार्ग जाम कर दिया। इसके बाद वहां पहुंचे एसडीएम व सीओ ने लेखपाल को बुलाकर पैमाइश कराया। इस पर न सिर्फ जाम समाप्त हुआ, बल्कि फिर से पटाई का कार्य प्रारंभ हो गया।
जानकारी के अनुसार मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायत निधि के तहत खजुरी बाजार में चकमार्ग की पटाई का कार्य चल रहा था। गुरुवार सुबह बाजार निवासी दुखरन ने यह कहते हुए पटाई का कार्य रुकवा दिया कि जिस भूमि से होकर चकमार्ग की पटाई की जा रही है, वह उसकी है और उस पर न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त है।
दुखरन की सूचना पर भीटी थाने से एसआई व दो पुलिसकर्मी वहां पहुंचे। आरोप है कि एसआई ने मनरेगा मजदूरों के साथ अभद्रता करते हुए उनकी डंडों से पिटाई कर दी। इससे नाराज मनरेगा मजदूरों ने खजुरी बाजार में भीटी महरुआ मार्ग जाम कर दिया। वे अभद्रता व मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाकर माफी मांगने एवं उनके विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग करने लगे।
जानकारी होने पर भीटी थाना प्रभारी अरविंद पांडेय व एसओ महरुआ अरशद सिद्दीकी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्राम प्रधान अरविंद सिंह के साथ वार्ता के पश्चात कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मार्ग जाम समाप्त कराया। साथ ही पैमाइश होने तक पटाई का कार्य रुकवा दिया।
लगभग एक घंटे के बाद जिला पंचायत सदस्य कृष्णावती वहां पहुंच गई। इसके बाद तत्काल पैमाइश कराकर पटाई का कार्य शुरू किए जाने की मांग को लेकर मनरेगा मजदूरों व कुछ ग्रामीणों के साथ एक बार फिर से भीटी महरुआ मार्ग जाम कर दिया।
फिर से जाम लगने की जानकारी पर एसडीएम भीटी एसपी सिंह व सीओ अमित कुमार श्रीवास्तव, तहसीलदार सुदामा वर्मा समेत तीन थानों भीटी, महरुआ व अहिरौली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम श्री सिंह के निर्देश पर तत्काल लेखपाल को बुलाकर पैमाइश कराई गई।
इसमें पाया गया कि जिस भूमि पर स्थगन आदेश है, उस पर चकमार्ग की पटाई नहीं की जा रही है। इसके बाद लगभग आधा घंटा चला जाम समाप्त हुआ और फिर से पटाई का कार्य प्रारंभ हुआ। उधर एसओ भीटी ने किसी मजदूर की पिटाई से इंकार किया है।