अंबेडकरनगर के अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार को ट्रेन के इंतजार के बीच ठंड से बचने की कोशिश करते यात्री।
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कड़ाके की ठंड व कोहरे का असर ट्रेनों पर साफ दिखाई पड़ रहा है। रविवार को जहां कोटा-पटना एक्सप्रेस 32 घंटे विलंब से अकबरपुर पहुंची, वहीं कैफियात डाउन 14 घंटे व मरुधर डाउन 12 घंटे विलंब से स्टेशन पहुंची। इसी तरह कई अन्य ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से घंटों विलंब से पहुंचीं। ट्रेनों की इस लेटलतीफी के चलते कड़ाके की ठंड में यात्रियों को घंटों स्टेशन पर बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।
मौसम की मार के आगे रेलवे के सारे दावे फेल नजर आ रहे हैं। ठंड व कोहरे का दौर जब से शुरू हुआ है तब से ट्रेनों की रफ्तार बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। सामान्य दिनों में जहां ट्रेनें एक से दो घंटे तक विलंब से चल रही थीं, वहीं इस मौसम में ट्रेनें 30-30 घंटे तक विलंब से चल रही हैं। रविवार को भी अकबरपुर स्टेशन पहुंचे यात्रियों को घंटों बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना पड़ा।
कोटा-पटना डाउन एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 30 घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची। मरुधर डाउन एक्सप्रेस निर्धारित समय से 12 घंटे की देरी से अकबरपुर पहुंची। इसके अलावा सरयू-यमुना अप सात घंटे, देहरादून अप एक्सप्रेस छह घंटे व कैफियात डाउन 14 घंटे विलंब से पहुंची।
कई अन्य ट्रेनें अपने निर्धारित समय से दो से चार घंटे तक विलंब से आयीं। ऐसे में यात्रियों को ट्रेनों के इंतजार में काफी कठिनाई हुई। ट्रेनों की लेटलतीफी के बीच स्टेशन पर पर्याप्त सुविधाएं न होना भी यात्रियों को अखर रहा है।
स्टेशन पर मिले यात्री रघुवीर व जगदीश प्रसाद का कहना था कि रेल प्रशासन को ट्रेनों की लेटलतीफी पर अंकुश पाने के लिए प्रयास करना चाहिए। उधर स्टेशन अधीक्षक एसएन सिंह ने कहा कि मौसम बिगड़ने का असर ट्रेनों की रफ्तार पर पड़ रहा है।