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88 हजार किसानों को सम्मान निधि पर संकट

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अंबेडकरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत आवदेन करने वाले करीब 88 हजार 58 किसानों के लिए बुरी खबर है। कृषि विभाग की जांच पड़ताल में इन किसानों का ऑनलाइन डाटा अशुद्ध पाया गया है। इसके लिए कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। कहा गया है कि जिन किसानों के खाते में धनराशि नहीं पहुंची है, वह ऑनलाइन अपना विवरण जांच कर उसमें प्रदर्शित हो रही कमियों को दूर करा लें, जिससे उन्हें अगली किस्त का लाभ मिल सके।
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यह जानकारी उपकृषि निदेशक आरडी बागला ने दी है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों पूरे जिले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जांच के दौरान 1 लाख 75 हजार 429 किसानों के डाटा में त्रुटि पाई गई थी। इसमें अधिकांश किसानों के नाम में त्रुटि मिली थी। आधार व खतौनी से नाम का मिलान नहीं हो रहा था। इसके अलावा काफी किसानों के आधार नंबर व बैंक खाते के विवरण भी ऑनलाइन गलत दर्ज हुए थे। इसके चलते उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। इनमें से 87 हजार 371 किसानों ने गड़बड़ी दूर करा दी है। फिर भी अभी 88 हजार 58 किसानों के ऑनलाइन डाटा को ठीक करने की जरूरत है। कई किसानों का नाम खतौनी व आधारकार्ड में अलग अलग है। ऐसे में उन्हें योजना का लाभ पाने से वंचित होना पड़ रहा है। किसान अविलंब कृषि विभाग की वेबसाइट www.pmkisan.gov.in पर जाकर इसे ठीक कर सकते हैं।
बताया कि आधार सुधार, सेल्फ रजिस्ट्रेशन और एप्लीकेशन स्टेटस इंक्वारी का विकल्प पीएम किसान पोर्टल पर किसान कॉर्नर पर उपलब्ध है। ऐसे में किसान स्वयं यह सुधार जनसेवा केंद्रों व साइबर कैफे आदि की मदद से कर सकते हैं। उपकृषि निदेशक ने जनप्रतिनिधियों खासकर ग्राम प्रधानों से आह्वान किया है कि किसानों की इस कार्य में मदद करें। किसानों को किसी कार्यालय का चक्कर न काटना पड़े। समय से पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट नहीं होगी तो संबंधित किसान फिर योजना का लाभ पाने से वंचित हो जाएंगे। किसान सही से ऑनलाइन आवेदन करें। कृषि विभाग योजना का लाभ दिलाने में उनकी पूरी मदद करेगा।
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