परिवार के साथ खुशियां मनातीं खुशी दिवाकर
- फोटो : अमर उजाला
कहते हैं सपने उन्हीं के सच होते हैं, जिनके सपनों में जान होती है। पंखों से कुछ नहीं होता हौंसलों से उड़ान होती है। इस कथन को सार्थक किया है टांडा क्षेत्र के ग्राम शहपुरा की रहने वाली खुशी दिवाकर ने। खुशी ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में 95 फीसदी अंक लाकर संयुक्त रूप से जिला टॉप किया है।
खुशी का डॉक्टर बनना है सपना
टांडा क्षेत्र के ग्राम शहपुरा निवासी रामपाल सिंह एक फैक्टरी में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। बेटी के टॉप करने पर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। खुशी दिवाकर ने 95 फीसदी अंक लाकर जिले में टॉप किया है। खुशी का कहना है कि वो ऑटो से सात किलोमीटर सफर कर स्कूल जाती थी। स्कूल से आकर घर में दिनभर पढ़ाई किया करती थी। उसके परिजन जबरन उसको पढ़ाई से उठा कर सुलाते थे। पढ़ाई का श्रेय माता पिता और अध्यापकों को देने वाली खुशी का सपना है कि वह बड़े होकर डॉक्टर बने और समाज की सेवा करे।
खुशी के पिता बोले- मेरी दो बेटियां बेटों से कम नहीं
वहीं दूसरी तरफ खुशी के पिता रामपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने घर में टीवी को उठा कर रख दिया था। जिससे बच्चों का ध्यान पढ़ाई से न हट जाए। उसकी दूसरी पुत्री खुशबू भी जवाहर नवोदय विद्यालय किरा शाहबाद में आठवीं की छात्रा है। पिता ने आगे कहा कि मेरी दो ही बेटियां हैं। लेकिन मेरी बेटियां बेटों से कम नहीं है। सिर्फ बेटे ही नहीं बेटियों से भी खानदान का नाम रोशन होता है। मेरी बेटी ने तो मेरा नाम रोशन कर दिया। उन्होंने कहा कि खुशी की सफलता से मैं काफी खुश हूं।