कटेहरी में सीएम के साथ प्रत्याशी।
बसपा सरकार में मंत्री रह चुके धर्मराज निषाद ने कटेहरी में पहली जीत बसपा के ही टिकट पर वर्ष 1996 में दर्ज की थी। वे पांच वर्ष बाद हुए चुनाव में फिर से बसपा के टिकट पर विधायक चुन लिए गए। 2007 में भी वह कटेहरी से विधायक बने लेकिन जीत का अंतर लगातार कम होता गया। इस पर बसपा ने उन्हें वर्ष 2012 के चुनाव में पड़ोसी जनपद जौनपुर की शाहगंज विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाया। यहां वे सपा के ललई यादव के हाथों पराजित होकर दूसरे स्थान पर रहे। 2017 के चुनाव में उन्हें अयोध्या जनपद की गोशाईगंज सीट पर बसपा ने मौका दिया। यहां भाजपा के खब्बू तिवारी जीते तो दूसरे पर सपा के अभय सिंह रहे। धर्मराज निषाद को तीसरे स्थान पर खिसक जाना पड़ा। इसके बाद धर्मराज ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा ने उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में अकबरपुर से मौका दिया। वे सपा के रामअचल राजभर के हाथों पराजित होकर दूसरे स्थान पर रहे। अब उपचुनाव में वे फिर से कटेहरी की तरफ लौटे।