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घरों से लेकर बाजारों तक हर ओर दिखे करवाचौथ के रंग

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फोटो 20, अंबेडकरनगर जिला मुख्यालय पर करवा चौथ व्रत को लेकर कपड़ों की खरीददारी करतीं महिलाएं। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। पति की दीर्घायु की कामना के लिए मनाए जाने वाले पवित्र करवाचौथ पर्व का उल्लास मंगलवार से ही दिखने लगा। महिलाओं ने बाजारों में पहुंचकर पर्व से संबंधित जरूरी सामग्रियों की बढ़-चढ़कर खरीददारी की। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में कपड़े, श्रृंगार व आभूषण की दुकानों पर लगभग पूरे दिन बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर खरीददारी की। इसके अलावा घरों में भी पर्व की तैयारी में महिलाएं जुटी रहीं। शाम को सरगी या तो बाजार से खरीदकर लाई गई या घरों में ही बनाई गई।
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करवाचौथ पर्व की तैयारियां मंगलवार को पूरी कर ली गईं। पर्व के उल्लास में कमी न रह जाए, इसके लिए महिलाओं ने बाजारों में पहुंचकर खरीददारी की। सबसे अधिक उत्साह उन महिलाओं में दिखा जो पहली बार पति की दीर्घायु की कामना के लिए व्रत रखेंगी। मंगलवार को सुबह से ही बाजारों में कपड़ा, आभूषण व श्रृंगार के सामान की खरीददारी के लिए महिलाओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया जो देर शाम तक जारी रहा। बड़ी संख्या में महिलाओं के पहुंचने से बड़ी बाजारों में लगभग पूरे दिन जाम की समस्या बनी रही। जिला मुख्यालय का मुख्य बाजार शहजादपुर देर शाम तक महिलाओं से गुलजार रहा। साड़ी, कुर्ती, आभूषण, श्रृंगार के सामान के साथ ही करवा व व्रत संबंधित सामग्रियों की बढ़-चढ़कर खरीददारी महिलाओं ने की।
उधर, पर्व को उल्लास के साथ मनाने को लेकर महिलाओं ने एक दिन पहले ही उसकी रूपरेखा तैयार कर ली। महिला थानाध्यक्ष प्रियंका पाण्डेय ने कहा कि वे प्रत्येक वर्ष पर्व को उल्सास के साथ मनाती हैं। इस मौके पर बनने वाले अच्छे पकवान बनाने में घरवालों का सहयोग करती हैं। देर शाम चांद का दर्शन कर पति के हाथों व्रत का पारण करते हैं। डॉ. सपना वर्मा ने कहा कि यह उनका दूसरा करवाचौथ है। बीते वर्ष की तरह इस बार भी वह उल्लास के साथ पर्व मनाएंगी। कहा कि पर्व के उल्लास में किसी भी प्रकार की कमीं न रह जाए, इसके लिए एक दिन पहले ही सभी जरूरी खरीदारी पूरी कर ली। रोली वर्मा ने कहा कि करवाचौथ पर्व का उन्हें बेसब्री से इंतजार रहता है। श्रृंगार कर चांद का दर्शन करने के बाद पति के हाथों व्रत का पारण करने के बाद उन्हें जो सुखद एहसास होता है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।
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