अंबेडकरनगर। जिले के भीटी, जलालपुर, टांडा, बसखारी आलापुर और अकबरपुर से शुक्रवार को सैकड़ों कांवड़िये भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए अयोध्या के लिए रवाना हुए।सुबह होते ही श्रद्धा का ज्वार उमड़ पड़ा।
सड़कें नारंगी वस्त्रधारी श्रद्धालुओं, सजी-धजी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, भक्ति गीतों की धुनों और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठीं। किसी ने मृदंग थामा था, तो किसी ने कांधे पर कांवड़। बच्चों से लेकर वृद्ध तक... हर चेहरा आस्था की चमक से दमकता दिखाई दिया।
कई टोली मंडलों ने पारंपरिक तरीके से यात्रा की अगुवाई की। रास्ते भर भजन-कीर्तन, पुष्प वर्षा और भक्ति में डूबी झांकियां यात्रियों की थकान मिटा रहीं थीं। प्रमुख बाजारों में व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने जगह-जगह भंडारा और जलपान की व्यवस्था की, तो कई स्थानों पर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा भी की गई। तेज धूप हो या बौछारें, कांवड़ियों की श्रद्धा डगमगाई नहीं।
कांवड़ियों पर की पुष्प वर्षा
बसखारी। दरगाह रसूलपुर स्थित काली माता चौराहे से शुक्रवार को अयोध्या धाम के लिए निकले कांवड़ियों के जत्थे को नगर पंचायत अध्यक्ष ओमकार गुप्ता ने भगवा झंडा दिखाकर रवाना किया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष ने शिव भक्तों को भगवा वस्त्र पहनाकर उनका स्वागत करते हुए पुष्प वर्षा भी की। सीओ सिटी नितेश कुमार तिवारी , थाना प्रभारी निरीक्षक संत कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
शिवबाबा में विशेष आयोजन
श्रावण मास के दूसरे शुक्रवार को अकबरपुर से सटे प्रसिद्ध शिवबाबा धाम में अलसुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। पूरा मंदिर परिसर आस्था, परंपरा और शिवभक्ति के रंग में रंगा दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने कड़ाही चढ़ाई की प्राचीन परंपरा का पालन करते हुए मंदिर में विशेष पूजन किया। मान्यता है कि मन्नत पूरी होने या किसी शुभ घटना के होने पर कड़ाही में पूड़ी-हलवा बनाकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया जाता है।