पूरे दिन सड़कों पर शिव के जयकारे लगते रहे। कंधों पर कांवर लिए शिवभक्त लंबी दूरी तय करने के बाद भी ऊर्जा से भरे रहे। विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक व दुग्धाभिषेक का सिलसिला सोमवार को पूरे दिन जारी रहा। इस दौरान हर हर महादेव व बम भोले के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजित होता रहा।
मालूम हो कि रविवार देर रात से ही धार्मिकनगरी अयोध्या से पवित्र जल लेकर कांवरियों के जत्थों के आने का क्रम शुरू हो गया। भोर होने के साथ ही यह सिलसिला और तेज हो गया। आस्था के उमड़े इस सैलाब से अकबरपुर-फैजाबाद मार्ग व टांडा-मया मार्ग कांवरियों की भीड़ से केसरियामय हो गया।
अयोध्या से लगभग 55 किमी की दूरी तय कर अकबरपुर पहुंचने वाले कांवरियों को थकान का तनिक भी एहसास नहीं था। फैजाबाद के श्रृंगीऋषि से भी जल लाकर टांडा व आस पास के क्षेत्र में जलाभिषेक का क्रम दिन चलता रहा। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शिवालयों व शिवमंदिरों में पहुंचकर कांवरियों ने जलाभिषेक कर मन्नतें मांगी। यह सिलसिला पूरे दिन चला।
सोमवार को जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित बाजारों में जगह जगह कैंप लगाकर कांवरियों का स्वागत किया गया। इस दौरान उनके जलपान की भी व्यवस्था की गई थी। मीरानपुर, पुरानी तहसील तिराहा, फौव्वारा तिराहा, दोस्तपुर चौराहा, मालीपुर रोड, बस स्टेशन क्षेत्र, कलक्ट्रेट के निकट व बसखारी मार्ग पर स्वयंसेवी संगठनों ने कैंप लगाए।
कांवर यात्रा में सोमवार को उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जिला मुख्यालय पर यातायात के डायवर्जन का प्रबंध किया था। पुराने तहसील तिराहे पर फैजाबाद मार्ग की तरफ सुबह से ही बाइक छोड़कर अन्य वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था।
आजमगढ़ की तरफ से जो वाहन अकबरपुर की तरफ आ रहे थे, उन्हें बसखारी से ही टांडा की तरफ मोड़ दिया गया। मालीपुर, जलालपुर व दोस्तपुर मार्ग से आने वाले वाहनों को पहितीपुर व अन्नावा होते हुए फैजाबाद की तरफ भेजा गया। ऐसा इसलिए जिससे कांवर यात्रा के दौरान अकबरपुर नगर में अन्य वाहनों की भीड़ को काफी हद तक कम किया जा सके।
कांवर यात्रा में कांवरियों के हुजूम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व शांति व्यवस्था के कड़े प्रबंध किए थे। जिलाधिकारी विवेक तथा एसपी पंकज सहित एएसपी पंकज पाण्डेय ने सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रखी थी। वे लगातार स्थिति का जायजा ले रहे थे। इसके अलावा सभी एसडीएम व सीओ ने अपने अपने क्षेत्रों में लगातार माहौल पर नजर बनाए रखा। थाना प्रभारियों के अलावा अन्य दरोगाओं को भी अलग अलग जिम्मेदारी सौंपी गई थी।