नोटबंदी के बाद से अब तक एटीएम व्यवस्था पटरी पर नहीं आ सकी है। जिले में करीब 110 एटीएम हैं, इनमें मंगलवार को लगभग दस एटीएम से ही रुपये निकल सके। इसमें भी कुछ एटीएम में दोपहर होते-होते कैश समाप्त हो गया। इससे उपभोक्ताओं को मायूस होकर लौटना पड़ा।
सौ के करीब एटीएम अब भी बंद पड़े हैं। लोग रुपये निकालने के लिए भटक रहे है। जिला मुख्यालय में एसबीआई, एक्सिस, एचडीएफसी, यूनियन बैंक, यूको बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, ओरिएंटल, पंजाब नेशनल बैंक के 35 से अधिक एटीएम हैं। नोटबंदी के बाद से इनमें से ज्यादातर एटीएम के शटर कैश न होने के कारण अब तक नहीं खुल सके हैं।
मंगलवार को भी एचडीएफसी व एसबीआई के चार एटीएम से ही धननिकासी हो सकी। इनमें से दो एटीएम में दोपहर होते-होते धन समाप्त हो गया, जिससे धननिकासी के लिए लाइन में लगे उपभोक्ता मायूस होकर वापस लौट गए। इसके अलावा टांडा व जलालपुर में भी एचडीएफसी व एसबीआई के इक्का दुक्का एटीएम से ही धननिकासी नहीं हो सकी।