अंबेडकरनगर। ओवरलोड के चलते हर दिन जंपर फुंकने से कहीं न कहीं बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। मंगलवार की रात 11 बजे महरूआ के ईसापुर गांव के निकट 33 हजार वोल्ट लाइन का जंपर फुंकने से इससे संचालित महरुआ के 40, भीटी के 70 गांव समेत 110 गांव की बिजली आपूर्ति पूरी रात ठप रही।
नसीपुर, पतौना, वेस्ट, मंशापुर और रामनगर कर्री फीडर से जुड़े मथानी, पितांबरपुर, लोकनाथपुर, सेमरी जैमलपुर, प्राणनाथ, नरसिंहदासपुर, महरूआ, कटरिया, बड़ागांव, आदमपुर तिंदौली, हरिश्चंद्रपुर, सुखारीगंज, सेहरीजलालपुर, रामबाबा, बरामदपुर जरियारी, अढनपुर, उमरावां, सम्मनपुर, बनगांव, परियांए, मदारभारी, खमपुर, बथुआ चंदौका, खजवा, बैरे, सिंगरा आदि गांवों की आपूर्ति रातभर बाधित रही। इससे भीषण गर्मी से लोग बिलबिला उठे। रात में ही ग्रामीणोंं ने फाॅल्ट की सूचना बिजली कर्मियोंं को दी। इसके बाद लाइनमैन फाॅल्ट ढूंढने में जुट गए। रात करीब तीन बजे ईसापुर के पास जंपर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी हुई। एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद भोर चार बजे जंपर बदलने के बाद आपूर्ति बहाल हुई तो लोगों ने चैन की सांस ली।
लंबी लाइन बनी परेशानी
बरवा बैरमपुर उपकेंद्र से महरुआ होते हुए यह लाइन भीटी के लिए भी गई है। करीब 90 किलोमीटर लंबी इस लाइन के चलते यहां आए दिन ओवरलोडिंग से बिजली के तार टूटने और जंपर फुंकने से आपूर्ति बाधित होती रहती है। यदि महरुआ और भीटी की बिजली लाइन को अलग कर दिया जाए तो इसका स्थायी समाधान हो सकता। वरना ऐसे ही हर दिन उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
खेती किसानी का कार्य भी हो रहा बाधित
ज्यादातर किसान रात में ही अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। इन दिनों धान की रोपाई के लिए पूरी रात खेत की सिंचाई कर उसमें पानी भरा जाता है। इसके बाद दूसरे दिन रोपाई का कार्य कराया जाता है, लेकिन रात में बिजली की कटौती से धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। डीजल से सिंचाई का खर्च ज्यादा आता है। किसान दीनानाथ पांडेय, रामकुबेर यादव, साधू वर्मा, दिनेश चौधरी ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठीक कराने की मांग की है।
फॉल्ट दुरुस्त कर बहाल की गई आपूर्ति
महरुआ में देर रात जंपर फुंका था। नाइट गैंग की मदद से फॉल्ट ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई। भीटी और महरुआ के लिए एक बिजली लाइन है, इससे कुछ परेशानी आ रही है। इसको अलग कराने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज स्वीकृति मांगी जाएगी।
राजकुमार त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता