बसखारी डाकघर के बाहर कूड़े में मिला स्पीडपोस्ट किया गया आवेदन पत्र।
- फोटो : अमर उजाला
डाकघर बसखारी के अधिकारियों व कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। 6 अगस्त को सफाईकर्मी पद के लिए स्पीड पोस्ट किया गया आवेदन पत्र दो दिन बाद कार्यालय के बाहर कूड़े में पाया गया। एक युवक ने अभ्यर्थी को आवेदन पत्र कूड़े में पड़े होने की जानकारी दी। अभ्यर्थी ने डीएम से मिलकर डाकघर कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
जिलाधिकारी विवेक से बीते दिन मिले महेंद्र पाल ने बताया कि वह बसखारी थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव का निवासी है। उसने सफाई कर्मचारी पद के लिए आवेदन किया था। फॉर्म बसखारी डाकघर से 6 अगस्त को स्पीडपोस्ट किया था। पीड़ित ने बीते दिन डीएम को स्पीडपोस्ट की रसीद भी दिखाई।
8 अगस्त को गांव डाकघर पर सफाई कर्मचारी के पद पर आवेदन पत्र जमा करने गए एक युवक ने उसे बताया कि उसका आवेदन पत्र डाकघर के बाहर स्थित कूडे़ में पड़ा है। उसकी फोटो भी कूड़े में पड़ी है। उसकी सूचना पर वह मौके पर पहुंचा।
देखा कि उसका फॉर्म लिफाफे समेत कूड़े में पड़ा है। लिफाफे में उसका आवेदन पत्र व संपूर्ण कागजात मौजूद था लेकिन 25- 25 रुपये के डाक टिकट लगे दो लिफाफे नदारद थे। उसने तत्काल इसकी शिकायत बसखारी डाकघर के अधिकारियों व कर्मचारियों से दर्ज कराई लेकिन किसी ने उसकी शिकायत को संज्ञान में नहीं लिया बल्कि फटकार लगा कर भगा दिया गया।
पीड़ित ने डाकघर के कर्मचारियों द्वारा अपने भविष्य के साथ किए गए खिलवाड़ पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने बताया कि मामले में जानकारी कराई जा रही है। ऐसा हुआ तो दोषी लोगों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।