गोंडा से विश्व प्रसिद्घ किछौछा जा रही जायरीन से भरी बस बीते रविवार की देर रात अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे स्थित एक खंभे से टकरा गई। यह संयोग ही रहा कि बस गड्ढे में पलटी नहीं, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि बस के खंभे से टकराने और गड्ढे में चले जाने से उसमें सवार 20 जायरीन घायल हो गए।
सभी को आननफानन में सीएचसी बसखारी ले जाया गया, जहां हालत की गंभीर को देखते हुए 15 लोगों को घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां सभी की हालत सामान्य बताई जाती है। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर भाग निकला।
गौरतलब है कि इन दिनों महान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी की दरगाह किछौछा में सालाना उर्स चल रहा था। इसमें देेश विदेश से बड़ी संख्या में जायरीन भाग लेने आते हैं। इसी उर्स में भाग लेने के लिए रविवार देर रात गोंडा के धानेपुर थाना क्षेत्र के उजैनी गांव से जायरीन को लेकर एक बस किछौछा शरीफ जा रही थी।
जब वह अंबेडकरनगर के बसखारी थाना अन्तर्गत मसड मोहनपुर बाजार के निकट पहुंची, तो अचानक अनियंत्रित हो गई। इससे उसमें सवार जायरीन में चीख-पुकार मच गई। चालक ने बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
जब तक चालक वाहन को नियंत्रित करने का प्रयास करता, तब तक बस सड़क के किनारे स्थित एक विद्युत खंभे से टकरा गई। इसके बाद बस गड्ढे में चली गई। यह संयोग ही था कि बस पलटी नहीं, अन्यथा बड़ी घटना हो सकती थी।
घटना से मौके पर चीख पुकार मच गई। इर्दगिर्द के घरों में सो रहे ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। इसी बीच एसओ बसखारी भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से खिड़की का शीशा तोड़कर एक-एक कर जायरीन को बाहर निकाला। इसमें 20 जायरीन को चोटें आईं।
आननफानन में सभी को सीएचसी बसखारी ले जाया गया, जहां से 15 जायरीन को हालत की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां सभी की हालत सामान्य बताई जाती है। उधर घटना के बाद वाहन चालक मौके से भाग निकला। अनुमान लगाया जा रहा है चालक को झपकी आ गई होगी। इसी के चलते बस अनियंत्रित हो गई और खंभे से टकराकर गड्ढे में चली गई।