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उधार के डीजल से चलता जनरेटर

Wed, 01 Jul 2015 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
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अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भीषण गर्मी से राहत दिलाने एवं रात में समुचित प्रकाश के लिए जिले की आठ सीएचसी व दो पीएचसी में 15-15 केवी क्षमता के जनरेटर तो लगाए गए हैं, लेकिन उसके संचालन के लिए डीजल की व्यवस्था करने को लेकर विभाग गंभीर नहीं है।
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आलम यह है कि अप्रैल से अब तक डीजल के लिए शासन से विभाग को धनराशि ही नहीं मिली है। नतीजा यह है कि जनरेटर का संचालन उधर के डीजल से हो रहा है। अब यदि पेट्रोलपंप मालिकों ने उधार में डीजल देने से इंकार कर दिया, तो जनरेटर का संचालन भी ठप हो जाएगा।

गर्मी में मरीजों व उनके तीमारदारों को कोई समस्या न हो और बिजली जाने पर उन्हें हवा व प्रकाश मिलता रहे, इसके लिए जिला चिकित्सालय सहित सभी आठ सीएचसी भीटी, टांडा, जलालपुर, कटेहरी, आलापुर, भियांव, जहांगीरगंज व नगपुर तथा अकबरपुर व रामनगर पीएचसी में जनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराई।
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जिला चिकित्सालय में बीते दिनों दो बड़े ट्रांसफार्मर लगने के बाद 24 घंटे बिजली उपलब्ध हो रही है। सभी सीएचसी व पीएचसी में मरीजों को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए सभी में 15-15 केवी का जनरेटर लगाया गया है। इससे मरीजों को काफी सहूलियत मिलने की आस जगी थी।
 
 हालांकि समय बीतने के साथ ही जनरेटर का समुचित लाभ मरीजों को नहीं मिलता। कभी तकनीकी खराबी आने से लंबे समय तक खराब पड़ा रहता, तो कभी डीजल के अभाव में नहीं चलता। जनरेटर के सुचारु संचालन को लेकर शासन प्रशासन कितना गंभीर है।

इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इन जनरेटर के सुचारु संचालन के लिए अप्रैल से अब तक डीजल के लिए धनराशि विभाग को नहीं मिली है। पेट्रोल पंपों से उधार के डीजल से इन जनरेटरों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में यदि आने वाले दिनों में इन पेट्रोल पंपों ने बकाया धनराशि न मिलने पर उधार का डीजल देने से इंकार कर दिया, तो जनरेटर का संचालन पूरी तरह से ठप हो सकता है।
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