नगर पालिका जलालपुर के जमौली वार्ड में कच्ची नाली में जमा गंदगी।
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जलालपुर नगर पालिका का विस्तार हुआ तो जमौली गांव नगर पंचायत का हिस्सा बन गया। सुविधाएं यहां नगरीय हाेनी चाहिए, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी यहां समस्याएं जस की तस हैं। स्थानीय लोग अभी भी बिजली, पानी, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़कें टूटी हैं। नालियों में गंदा पानी जमा है। पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी बदहाल है। वार्ड में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। सफाईकर्मी यहां पर कभी-कभार ही आते हैं। लगभग पांच हजार की आबादी वाले इस वार्ड में गामा, फकिरहना, धोबियाना, दलित बस्ती भड़भड़पुर आदि मोहल्ले शामिल हैं।
नहीं बन सकी पक्की नाली
मो. अब्बास ने बताया कि दो साल का समय गुजर गया, यहां की सड़कें पहलें की तरह ही बदहाल हैं। अभी भी पक्की नाली नहीं बन पाई हैं। कच्ची नाली में जगह-जगह गंदा पानी जमा रहने से मुहल्ले में संक्रमण का खतरा बना रहता है।
पानी के लिए पाइप लाइन नहीं
मो. एकलाख ने बताया कि सरकार हर घर जल-हर घर नल योजना के तहत लोगों को पेयजल मुहैया करा रही है, लेकिन यहां पर आज भी पानी के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है। लोगों को अपने निजी संसाधनों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है।
नहीं दिया जाता ध्यान
सभासद बृजेश कुमार ने बताया कि लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिले, इसके लिए लगातार जिम्मेदारों से कहा जाता है। इसके बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। गांव से यह वार्ड भले ही नगरपालिका में जुड़ा, लेकिन अभी भी सुविधाएं नगर वाली नहीं मिल रही हैं।
मिला है प्रस्ताव, जल्द शुरू होंगे कार्य
दो वर्ष पहले वार्ड में कुछ गांवों को जोड़ा गया था। इसकी वजह से कुछ चीजों का अभाव है। प्रस्ताव मिला है, जल्द ही कार्य कराए जाएंगे। - अजय कुमार सिंह, ईओ नगर पालिका जलालपुर
नगर पालिका जलालपुर के जमौली वार्ड में कच्ची नाली में जमा गंदगी।