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जाम से जूझता रहा शहर, सेल्फी खींचने में मशगूल दिखे ट्रैफिक कर्मी

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फोटो 18,अंबेडकरनगर के अकबरपुर नगर में बुधवार दिन भर इस तरह लगा रहा जाम। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। समूचा जिला मुख्यालय बुधवार को जाम के भीषण संकट से जूझता रहा। कई दिनों के अवकाश व मंगलवार की बंदी के बाद बुधवार को स्वाभाविक तौर पर नगर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना के बावजूद ट्रैफिक पुलिस के पास न तो कोई प्लान था और न ही जाम से शहर को निजात दिलाने की कोई फिक्र दिखी। नतीजा यह कि नागरिक घंटों जाम से जूझते रहे। ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की मनमानी की हद यह कि जाम संकट के बीच ही कई पुलिसकर्मी बीच सड़क पर सेल्फी लेते दिखाई पड़े। हद तो यह रही कि जिन ट्रैफिक इंचार्ज पर यातायात को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी है वे जाम लगा होने के बावजूद कई बार अपने चार पहिया वाहन से उतरने के बजाए उस पर बैठकर ही फोन पर बात करने में मशगूल दिखे।
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अकबरपुर नगर बुधवार को जाम की चपेट में रहा। इसका बड़ा कारण यह रहा कि रविवार व सोमवार को राजकीय कार्यालयों में अवकाश था। मंगलवार को जिला मुख्यालय पर साप्ताहिक बंदी थी। ऐसे में बुधवार को फरियादियों व ग्राहकों की भारी भीड़ जिला मुख्यालय पर उमड़ने की पूरी संभावना थी। इसके बावजूद ट्रैफिक विभाग इसका आकलन नहीं कर सका। उमड़ने वाली भीड़ को लेकर कोई कार्य योजना बुधवार को सामने नहीं दिखी। नतीजा यह रहा कि बस स्टेशन से ओवरब्रिज और पुराने तहसील तिराहे से लेकर अयोध्या मार्ग तक दिनभर जाम की स्थिति रही। तमसा पुल पर तो दिनभर जाम की नौबत बनी रही।
फौव्वारा तिराहा, दोस्तपुर चौराहा व पहितीपुर चौराहा भी पूरे दिन जाम से जूझता रहा। इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी पूरी तरह लापरवाह बने रहे। हद तो तब हो गई जब नगर जाम की चपेट में था तो उसी समय तहसील तिराहे पर कई पुलिसकर्मी एक साथ सेल्फी लेते दिखे। उस वक्त तहसील तिराहे पर जाम थोड़ा कम था, लेकिन पास में स्थित तमसा पुल जाम से जूझ रहा था। सामने दिख रहे तमसा पुल तक पहुंचकर जाम हटवाने के बजाए ट्रैफिक पुलिस का एक कर्मी व दो पीआरडी जवान सेल्फी लेने में मशगूल थे।
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जाम संकट के बीच ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को इस तरह बीच सड़क पर सेल्फी लेते देख स्थानीय लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की। इसके बाद पुलिसकर्मी सड़क के किनारे चले गए। इसी समय दो अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़क के किनारे पड़ी बेंच पर आराम फरमाते दिखे, लेकिन तमसा पुल के जाम की तरफ उनका ध्यान नहीं गया। मनमानी की हद यह कि जब फौव्वारा तिराहे से लेकर पहितीपुर चौराहा व दोस्तपुर चौराहे पर भीषण जाम लगा था तो तहसील तिराहे पर सेल्फी लेने व आराम फरमाने में व्यस्त पांच ट्रैफिक सिपाहियों व पीआरडी जवानों में से किसी दो तीन पुलिसकर्मी को उस क्षेत्र में भेजने की सुध यातायात प्रभारी को नहीं रही।
अकबरपुर नगर बुधवार को जब जाम के संकट से जूझ रहा था तो उस समय यातायात प्रभारी प्रदीप सिंह जाम हटवाने के बजाए ज्यादातर समय अपने सरकारी चार पहिया वाहन पर ही बैठे दिखाई पड़े। वे वहीं से आदेश देते तो दिखे, लेकिन पहले के ट्रैफिक प्रभारियों की तरह खुद मोर्चा लेने सड़क पर नहीं उतरे। दिन में बमुश्किल दो से तीन बार उन्हें सड़क पर उतरते लोगों ने देखा, लेकिन ज्यादातर समय वे सड़क पर अपना वाहन खड़ा कर फोन पर बात करते दिखाई दिए। लोगों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह रवैया तब ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण है, जब जिले के पुलिस कप्तान स्वयं प्रतिदिन सड़क पर भ्रमण कर रहे हैं। एएसपी से लेकर एसपी तक लगभग प्रतिदिन जब रूटमार्च कर रहे तब ऐसे समय में ट्रैफिक इंचार्ज द्वारा वाहन पर बैठकर रौब गालिब करने से जाम नहीं हटने वाला है।
ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही अनुचित है। ड्यूटी अवधि में सड़क पर खड़े होकर सेल्फी लेने के मामले की जांच कराई जाएगी। जरूरी एक्शन होगा। जाम की अवधि में यदि कोई पुलिसकर्मी ड्यूटी में लापरवाही बरतता पाया गया तो उस पर कार्रवाई होगी।
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- आलोक प्रियदर्शी, एसपी
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