जलालपुर। तहसील मुख्यालय पर जाम का संकट दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। इससे राहत पाने के लिए यहां रिंगरोड या बाईपास की सख्त जरूरत है। ढाई साल पहले यहां बाईपास के लिए सर्वे भी हो चुका है, लेकिन इसके बाद से अब तक कुछ नहीं हुआ है।
जलालपुर नगर में गंभीर होती जा रही ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को राहत मिलने की संभावना फिलहाल नहीं दिख रही है, क्योंकि बाईपास निर्माण के लिए सर्वे कार्य के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पा रहा है। नगर में ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कोई दिन ऐसा नहीं गुजरता जब नगर में वाहन चालकोें को जाम से न जूझना पड़े। काफी दिन से बाईपास की मांग की जा रही थी। कुछ समय पूर्व बाईपास निर्माण का मुद्दा जलालपुर विधायक रितेश पाण्डेय ने विधानसभा में भी उठाया था।
कहा था कि नगर में लोगों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए बाईपास निर्माण की सख्त जरूरत है। भाजपा सरकार बनने के बाद सर्वे की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एमपी चौधरी, अवर अभियंता रामसकल यादव व श्रवण सिंह ने बाईपास निर्माण के लिए सर्वे किया था। यह बात अलग है कि इस सर्वे के बाद कोई प्रगति सामने नहीं आ सकी है।
अकबरपुर-जलालपुर रोड स्थित हाजीपुर, महमदपुर व जमौली गांव होते हुए जलालपुर रामगढ़ रोड स्थित नगपुर मोड़ तक सर्वे हुआ था। सर्वे कार्य शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि शायद अब जल्द ही जाम की समस्या से निजात मिलेगी। हालांकि, लोगों की उम्मीद अब तक पूरी होती नहीं दिख रही है। ढाई वर्ष का समय बीतने को है, लेकिन अब तक बाईपास के नाम पर सिर्फ सर्वे कार्य ही हो सका है।
शासन-प्रशासन की उदासीनता के बीच नगर में जाम का संकट हर दिन गहराता जा रहा है। नगर निवासी पंकज शुक्ल, सुधीर यादव व संदीप सोनी आदि ने लोक निर्माण विभाग से नगरवासियों को जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास मार्ग निर्माण के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है। सहायक अभियंता एमपी चौधरी के मुताबिक, प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है।