फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैदियों व जेल कर्मियों में मारपीट, पथराव

विज्ञापन
जेल में पुलिसकर्मियों व कैदियों के विवाद की सूचना पर फोर्स लेकर पहुंचे डीएम व एसपी। - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। जिला जेल में खाने की गुणवत्ता व अवैध वसूली से खफा कैदियों ने बुधवार को जेलकर्मियों पर पथराव कर दिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान कैदियों ने जेलकर्मियों को किचन में बंधक बना लिया।
विज्ञापन

कश्मीरी कैदियों की मौजूदगी के चलते संवेदनशील मानी जाने वाली जेल में करीब दो घंटे तक उपद्रव चलता रहा। बवाल में चार से अधिक जेल कर्मी व कैदी घायल हुए हैं। हालात को काबू में करने के लिए डीएम व एसपी को भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचना पड़ा। पीएसी भी उतारनी पड़ी। कैदी रसोई में रखे सिलेंडर में आग लगाने पर आमादा थे। प्रशासन ने पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
जिला जेल में बुधवार दोपहर खाने की गुणवत्ता व वसूली से खफा कैदी जेल कर्मियों से उलझ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। इससे जेल परिसर में अफरातफरी मच गई। कैदियों ने बैरक की छत पर चढ़कर पथराव शुरू कर दिया।
विज्ञापन

जेल कर्मियों ने भी जवाबी कार्रवाई की। हालांकि कैदी इस संघर्ष में जेल कर्मियों पर भारी पड़े। कैदियों ने पथराव कर सीसीटीवी कैमरे व जेल का काफी सामान भी तोड़ दिया। साथ ही जेल कर्मियों को रसोई घर में ही बंधक बना दिया।
हंगामे की खबर मिलते ही डीएम राकेश कुमार मिश्र व एसपी आलोक प्रियदर्शी पुलिस बल को लेकर जेल पहुंच गए। जिले के लगभग सभी थाना प्रभारी भी फोर्स के साथ मौके पर डट गए। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पीएसी जवानों को भी बुला लिया गया।
बताया जाता है कि इससे पहले हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। बाद में अधिकारियों ने कैदियों को समझाकर शांत कराया और उनसे वार्ता भी की। कैदियों ने इसमें जेल प्रशासन के रवैये की शिकायत की। लगभग दो घंटे तक जेल में रहने के बाद डीएम व एसपी पुलिस बल के साथ बाहर निकले। अधिकारियों ने दावा किया कि जेल में सब ठीक है।
क्षतिग्रस्त कर दी आरओ प्लांट की दीवार व कुर्सी मेज
जेलर रमाकांत ने बताया कि कैदियों ने आरओ प्लांट की दीवार क्षतिग्रस्त करते हुए लगभग एक दर्जन सीसीटीवी कैमरे तोड़ डाले। अग्निशमन यंत्रों को भी नुकसान पहुंचाया। कुर्सी मेज को भी तोड़ दिया। समय रहते ही प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद हालात नियंत्रित हो सका।
बैरक 5 व 6 से शुरू हुआ विवाद
जेलर रमाकांत ने बताया कि बैरक संख्या 5 व 6 के कैदियों के बीच आपस में विवाद हुआ था। इस पर एक कैदी को पकड़कर पूछताछ के लिए ले आया गया। इसी के बाद कैदी भड़क गए। अन्य बैरक के कैदी भी इसके बाद बाहर निकल आए। जेलर ने बताया कि कैदियों के बीच खाने को लेकर आपस में कुछ विवाद था। इसे ही सुलझाने तथा कैदियों को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया गया। यही बात कैदियों को नागवार लगी। इसके बाद वे भड़क उठे। जेलर ने कैदियों के हंगामे में किसी के चोटिल होने से इनकार किया।
कश्मीरी कैदियों के लिए है संवेदनशील
अंबेडकरनगर जिला जेल कश्मीरी कैदियों की मौजूदगी के चलते संवेदनशील श्रेणी में शामिल है। गत वर्ष ही यहां कश्मीर से हटाकर यूपी की विभिन्न जेलों में कैदियों को भेजने का जो सिलसिला शुरू हुआ था, उसी क्रम में यहां भी कई चरण में कैदी भेजे गए थे। कश्मीरी कैदियों के चलते यह जेल संवेदनशील श्रेणी में शुमार है।
बैरक में जाकर कैदियों को समझाया
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि जेल पहुंचने के बाद सबसे पहले कैदियों को शांत करने पर ध्यान दिया गया। सख्त हिदायत दी गई थी कि कोई भी बल प्रयोग नहीं होगा। कैदियों को समझा-बुझाकर पहले उन्हें बैरक में भेजा गया। इसके बाद अलग-अलग बैरक में जाकर कैदियों से विस्तृत वार्ता की। मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनके साथ कोई ज्यादती नहीं होगी। उन्हें शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। कोई भी शोषण उनका न होने पाए, यह तय किया जाएगा।
डीआईजी, जेल ने लिया जायजा
घटना के बाद बुधवार शाम डीआईजी,जेल संजीव त्रिपाठी अंबेडकरनगर पहुंच गए। उनके साथ अयोध्या जेल अधीक्षक बृजेश कुमार भी थे। डीआईजी जेल ने कैदियों से मुलाकात की। घटना में किन-किन की लापरवाही थी, इस बिंदु पर जरूरी जानकारी हासिल कर वे वापस लौट गए।
कई जेल कर्मियों पर लटकी तलवार
जिला जेल में हुए उपद्रव के बाद कई जेल कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। दरअसल, प्रशासन की जांच में कई कैदियों ने तीन-चार जेल कर्मियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सूत्रों के अनुसार कैदियों ने बाकायदा जेल कर्मियों का नाम लेकर अधिकारियों से उनके बर्ताव, अवैध वसूली आदि की शिकायत की है। माना जा रहा है कि जिला प्रशासन ऐसे पुलिस कर्मियों की भूमिका तय करते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति कर सकता है।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट
जेल से बाहर निकलकर डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि खाने की गुणवत्ता तथा अवैध वसूली के आरोपों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। समय रहते प्रशासन मौके पर पहुंच गया। इससे स्थिति बिगड़ने से बच गई। अब सब कुछ ठीक है। मामले की विधिवत जांच की गई है। शासन को पूरे प्रकरण से अवगत कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें