टांडा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया 12 जुलाई को जगन्नाथ धाम की रथयात्रा की परंपरा नगर के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक वातावरण में भव्यता के साथ निर्वहन की जाएगी। इसकी तैयारियां नगर में पूरी कर ली गई हैं।
नगर के श्रीहनुमान गढ़ी, श्रीउदासीन आश्रम, श्रीठाकुर द्वारा मंदिर, श्रीझारखंड नाथ महादेव मंदिर सहित अन्य विभिन्न मंदिरों के अलावा लोग अपने घरों में पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण, बलराम व सुभद्रा की विधि विधानपूर्वक पूजा-अर्चना कर उत्सव मनाएंगे। 12 जुलाई को मंदिरों की भव्य सजावट के बीच धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। रथयात्रा के संबंध में नगर के ज्योतिषाचार्य पं. अजीत द्विवेदी बताते हैं कि पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि एक बार सुभद्राजी ने नगर देखने की इच्छा व्यक्त की। अपनी बहन को नगर भ्रमण करवाने के उद्देश्य से भगवान श्रीकृष्ण और बलराम अपने-अपने रथों पर बैठ कर चल पड़े। देवर्षि नारद ने भगवान श्रीकृष्ण से अनुरोध किया है। आप तीनों इसी रूप में विराजमान हो।
भगवान श्रीकृष्ण ने नारद मुनि से कहा कि कलियुग में दारूविग्रह में इसी रूप में हम तीनों स्थित होंगे। इसी स्मृति में प्रत्येक वर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया को रथयात्रा महोत्सव मनाया जाता है। बताया कि इस उत्सव पर भगवान को धूप-दीप के बाद भव्य श्रंगार कर उन्हें चना, मटर, बड़हर, जामुन, कटहल, पंच अनाज आदि का भोग लगाकर लोगों को वितरित किया जाता है।