अंबेडकरनगर। आलापुर के गिरैया बाजार के केदरूपुर कल्याणपुर में श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया गया। प्रवाचक राकेश तिवारी ने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से धर्म, भक्ति और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में अनुशासन और संयम सफलता की दिशा तय करते हैं। सत्य और न्याय का पालन ही सच्चा धर्म है। समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाना जरूरी है। व्यवहार में सुधार से ही परिवर्तन संभव है। सामूहिक आयोजनों से सामाजिक एकता मजबूत होती है। दूसरों के प्रति संवेदनशीलता समाज को संतुलित बनाती है। भागवत कथा व्यक्ति को आत्मचिंतन और आत्मसंयम की प्रेरणा देती है। भागवत कथा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को कर्तव्यपरायण और अनुशासित बनाना है। धर्म का अर्थ केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि व्यवहार में सत्य, करुणा और सहिष्णुता को अपनाना है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच विकसित करने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। संवाद