मालूम हो कि गुरुवार रात एक ओवरलोड गन्ने से लदा ट्रक पुराने तहसील तिराहे के निकट पलट गया था। उसे हटाने के लिए क्रेन व जेसीबी मशीन का सहारा लेना पड़ा था। चूंकि गन्ना काफी ज्यादा था इसलिए उसे दूर तक फैलाकर यह देखा गया था कि कोई और तो गन्ने के ढेर में नहीं दबा है।
घटना के बाद शुक्रवार सुबह गन्ना ढुलाई करने वाले ठेकेदार की तरफ से दूसरा ट्रक भेजकर कुछ गन्ना तो हटवाकर चीनी मिल पहुंचा दिया गया, लेकिन अभी भी काफी गन्ना सड़क की पटरियों पर काफी दूर तक फैला हुआ है।
तहसील तिराहे पर फैजाबाद मार्ग पर 50 मीटर तक तथा मुख्य तिराहे से ओवरब्रिज की तरफ 25 मीटर की दूरी में सड़क के दोनों तरफ गन्ने का मलबा बिखरा पड़ा है। फैजाबाद मार्ग की दोनों पटरियों पर तो यह मलबा इतना ज्यादा है कि सामान्य आवागमन तक प्रभावित हो रहा है।
शुक्रवार को पूरे दिन यह स्थिति बनी रही, लेकिन नगर पालिका परिषद प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। डीएम के निर्देश पर अधिशाषी अधिकारी ने सड़क मरम्मत के मामले में मुआयना भी किया लेकिन तब भी कोई निर्देश नहीं गए।
इसके चलते ही शनिवार प्रात: जब नियमित ड्यूटी पर सफाईकर्मियों की टोली निकली तब भी मलबे की सफाई नहीं की जा सकी। शनिवार को लगातार दूसरे दिन भी लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
बसपा नेता रमेश सेठ ने नगर परिषद प्रशासन के इस रवैए को दुर्भाग्यपूर्ण व चिंताजनक बताया। कहा कि 60 घंटे से भी अधिक समय हो गया, लेकिन इसके बाद भी मलबे को हटवाने की तरफ ध्यान न देना दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। उधर अधिशाषी अधिकारी संगीता कुमारी ने बताया कि मलबे को हटवाने के निर्देश दे दिए गए हैं।