अंबेडकरनगर। कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज के इलाज के लिए जिला अस्पताल में 10 बेड के आईसोलेशन वार्ड की स्थापना कर दी गई है। मरीजों के लिए इलाज में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए दो चिकित्सक व दो स्टाफ नर्स की भी तैनाती कर दी गई है। जिला अस्पताल प्रशासन ने करोना से निपटने के लिए जरूरी दवाएं भी उपलब्ध होने का दावा किया है।
करोना वॉयरस होने वाले संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों के समुचित इलाज को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी तैयारियां तेज कर दी हैं। वैसे तो करोना वायरस से पीड़ित कोई भी मरीज जिले में सामने नहीं आया है, लेकिन इसके लिए जिला अस्पताल में 10 बेड के विशेष वार्ड की स्थापना भी कर दी गई है। सीएमएस डा. एसपी गौतम ने बताया कि 10 बेड के वार्ड की स्थापना के साथ ही स्टाफ की भी तैनाती कर दी गई है। बताया कि दो फिजीशियन डॉ. मनोज शुक्ला व डॉ. योगेश वर्मा के साथ ही दो स्टाफ नर्स की भी तैनाती कर दी गई है। यदि करोना वायरस से पीड़ित कोई भी मरीज सामने आता है, तो उसके समुचित इलाज की पूरी व्यवस्था जिला अस्पताल में है। कहा कि दवाओं की पर्याप्त मात्रा अस्पताल में मौजूद है।
उधर, फिजीशियन डॉ. योगेश वर्मा ने बताया कि करोना वायरस से होने वाला रोग संक्रामक है। इस वायरस से प्रभावित मरीज को खांसी आती है। छींक भी आती है। बुखार चढ़ने के साथ ही सांस फूलने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। यदि इस प्रकार के लक्षण सामने आते हैं, तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। इस वॉयरस से होने वाला रोग संक्रामित होता है। ऐसे में प्रभावित मरीज से कुछ दूरी पर रहें। अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में बिल्कुल न जाएं। खांसी व छींक से यह रोग फैलता है। मरीज का बर्तन अलग कर दें। जागरूकता के आधार पर ही करोना वायरस से बचा जा सकता है।