अंबेडकरनगर। विकास खंड भियांव की मरहरा ग्राम पंचायत में तत्कालीन प्रधान द्वारा पति की फर्म द्वारा इंटरलाकिंग का काम कराकर पांच लाख रुपये से अधिक का भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद डीपीआरओ ने दो सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी है। जांच टीम को 15 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
बीते दिनों मरहरा गांव निवासी स्वामीनाथ यादव ने डीपीआरओ को शपथ पत्र देकर बताया कि ग्राम पंचायत में विकास के नाम पर धांधली की गई है। 2016 से 2019 के बीच तत्कालीन ग्राम प्रधान पूनम ने गांव में इंटरलाकिंग का काम कराया था।
इसका टेंडर कराने के बजाय यह काम पति की फर्म से करा दिया गया। इसके बाद भुगतान भी ले लिया गया। डीपीआरओ अवनीश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच का निर्देश दिया गया है।
जांच अधिकारी जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी व लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अवर अभियंता को नामित किया गया है। दोनों अधिकारियों से 15 दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए निर्देशित किया गया है।
रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों को पारदर्शिता से काम कराने का निर्देश है। यदि कहीं पर कोई मनमानी मिली तो कार्रवाई तय की जाएगी।