अंबेडकरनगर। एक औद्योगिक ग्रुप द्वारा जिले में 5800 करोड़ रुपये के निवेश को शासन ने बुधवार को मंजूरी दे दी। इससे प्रतिदिन 350 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। 1500 टन ग्रीन मेथेनॉल का भी उत्पादन यह कंपनी प्रतिदिन करेगी। टांडा में 100 एकड़ भूमि पर यह उद्योग लगाया जाएगा। निष्प्रयोज्य कृषि सामग्री के उपयोग से यह उत्पादन होगा। किसानों से निष्प्रयोज्य सामग्री खरीदे जाने से उन्हें आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।
अंबेडकरनगर जनपद के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने तथा विकास को लेकर जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत प्लान तैयार किए जाने का सुखद परिणाम सामने आने लगा है। बीते दिनों ही निजी क्षेत्र के जैनी केमिकल और फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड मुंबई ने यहां निवेश को लेकर पहल की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने उन्हें टांडा में सरयू नदी के किनारे 100 एकड़ भूमि भी दिखाई थी।
अब बुधवार को शासन ने 5800 करोड़ की लागत से यहां ग्रीन मेथेनॉल व बिजली के उत्पादन को हरी झंडी दे दी। डीएम अविनाश सिंह ने एसडीएम टांडा सचिन यादव व जेनी केमिकल के अधिकारियों के साथ लखनऊ पहुंचकर अपर मुख्य सचिव अतिरिक्त ऊर्जास्रोत महेशचंद गुप्त व यूपीपीसीएल के अध्यक्ष आशीष गोयल से मुलाकात की। उन्हें बताया कि प्रतिदिन 1515 टन पराली, गन्ने की खोई, धान की भूसी आदि कृषि वेस्ट मैटेरियल का प्रयोग कर बिजली व ग्रीन मेथेनॉल का उत्पादन होगा।
शासन द्वारा इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दिए जाने की जानकारी डीएम अविनाश सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि इस उद्योग के लगने से जिले की पहचान पूरे प्रदेश में खासतौर पर स्थापित होगी। बताया कि अन्य औद्योगिक ग्रुप भी यहां निवेश के लिए इच्छुक हैं। कई ग्रुप के अधिकारी संपर्क में हैं। उनके द्वारा भी यहां बड़ा निवेश किया जाएगा।
दूर होगा प्रदूषण, बढ़ेगी निर्भरता
डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष लगभग 20 टन कृषि क्षेत्र की निष्प्रयोज्य सामग्री का उपयोग इस प्रोजेक्ट में होगा। औद्योगिक ग्रुप किसानों से इसे उचित मूल्य पर खरीदेगा। इससे किसानों को आर्थिक आय होगी तो वहीं पराली आदि जलाने से होने वाले प्रदूषण से भी बचाव होगा। बायो फ्यूल के प्रयोग से जहां वायु प्रदूषण में कमी आएगी तो वहीं पेट्रोल खरीद को लेकर आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। डीएम ने बताया कि इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर जिले के एक लाख से अधिक लोगों को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।