नवीन मंडी अकबरपुर के क्रय केंद्र पर गेहूं की तौल करते मजदूर। संवाद
अंबेडकरनगर। गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। शासनादेश प्राप्त होने के बाद हर दिन तीन हजार क्विंटल गेहूं की खरीद बढ़ गई है। जिले के 82 क्रय केंद्रों पर 21 अप्रैल तक 536 किसानों से 22,870 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। 30 मार्च से खरीद शुरू हुई थी। इस बार गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। फार्मर रजिस्ट्री न होने से पंजीकरण में बाधा आ रही थी।
इससे किसानों को गेहूं बिक्री में देरी होती है। मुख्यमंत्री द्वारा फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त होने के बाद अब खरीद केंद्र पर अनावश्यक देरी नहीं हो रही है। किसान क्रय केंद्रों पर आसानी से फसल बेच पा रहे हैं। हालांकि अभी सहकारी समिति के छह, एफपीओ के एक और भारतीय खाद्य निगम के सभी चार क्रय केंद्रोंं पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हो सकी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोरखनाथ ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता समाप्त करने के बाद हर दिन तीन हजार क्विंटल गेहूं की खरीद बढ़ गई है।
किसानों को मिली सहूलियत
फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को समाप्त करने का निर्णय अच्छा है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और क्रय केंद्र पर अधिक समय नहीं लगेगा।
- अश्वनी दुबे, किसान
आढ़त पर फसल बेचने से राहत
कुछ किसान जिनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो सकी है, वह आढ़तियों को गेहूं कम दाम में बेच रहे थे। अब ऐसे किसानों को राहत मिलेगी और क्रय केंद्रों पर आसानी से गेंहू बेच सकेंगे।
ब्रह्मानंद पटेल, किसान