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Ambedkarnagar: 60 हजार घटिया दर्द निवारक दवाएं खिलाकर बढ़ाया मर्ज, दूसरी लैब में भी अधोमानक होने की पुष्टि

Sun, 28 Aug 2022 06:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो अश्विनी मिश्र, अमर उजाला, अंबेडकरनगर

सार

अंबेडकरनगर में इलाज के नाम पर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्हें अधोमानक दवाएं दी जा रही हैं। इसकी पुष्टि दूसरी लैब में भी हो गई है।
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विस्तार
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इलाज के नाम पर विभिन्न सरकारी अस्पतालों में मरीजों को 60 हजार से अधिक घटिया गुणवत्ता की दर्द निवारक दवा खिला दी गई। दर्द से राहत दिलाने के लिए ऐसिक्लोफेनाक 100 मिलीग्राम की लगभग 60 हजार टैबलेट सप्लाई के दौरान जिस बैच में आई थीं, वह लैब जांच में अधोमानक पाई गईं। हालांकि इसी नाम से दूसरे बैच में सप्लाई हुई दवाओं का वितरण लैब रिपोर्ट ओके मिलने के बाद चल रहा है।

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मरीजों को वितरित की जाने वाली सरकारी दवाओं के एक्सपॉयर होने का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हो पाया था कि दर्द निवारक घटिया गुणवत्ता की दवा बांटने का नया मामला सामने आया है। खाद्य व सुरक्षा औषधि प्रशासन की लैब जांच में मरीजों को दी जाने वाली दवा की गुणवत्ता मानक से इतर मिली थी।

ऐसिक्लोफेनाक 100 मिग्रा. दवा का यह नमूना बसखारी सीएचसी से लेकर ड्रग लैब में जांच के लिए भेजा गया था। सप्लाई के तहत यह दवा उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से अंबेडकरनगर के ड्रग वेयर हाउस पर पहुंचाई गई थी। बीते जनवरी माह में बैच नंबर आरटी 211258 की कुल 60 हजार गोली मरीजों को बांटने के लिए सप्लाई के तहत अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में पहुंची थीं। सभी अस्पतालों में मरीजों को यह दवा बांट कर खत्म भी हो चुकी है।
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जांच रिपोर्ट पर खड़े हो रहे सवाल
जिला मुख्यालय स्थित ड्रग वेयर हाउस पर दवा आने के बाद नमूने को जांच के लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन के गुणवत्ता नियंत्रण विभाग में जांच के लिए भेजा जाता हैै। जांच रिपोर्ट आने तक दवाओं का वितरण नहीं होता। दर्द की ऐसिक्लोफेनाक 100 मिग्रा. दवा वितरण के लिए इसी वर्ष जनवरी में पहुंची थी। मार्च में कॉर्पोरेशन के गुणवत्ता विभाग ने संबंधित बैच की दवा को वितरण के लिए उपयुक्त करार दिया। इसके बाद अस्पतालों में हुई सप्लाई के बाद मरीजों को यह दवा उपलब्ध करायी गयी। इस बीच एफएसडीए के औषधि निरीक्षक द्वारा रूटीन जांच के तहत इस दवा का नमूना लेकर उसे लखनऊ स्थिति विभागीय लैब में जांच के लिए भेजा था। दवा की लैब जांच रिपोर्ट में यह गुणवत्ता में घटिया व अधोमानक पायी गयी। इससे सवाल उठता है कि आखिर किस आधार पर मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन की प्रयोगशाला में हुई जांच में दवा को मानक के अनुरूप पाया गया। इसे लेकर विभागीय स्तर पर भी अब पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की आवाज उठने लगी है।

दवा निर्माता कंपनी उत्तराखंड की
सरकारी अस्पतालों में ऐसिक्लोफेनाक नाम से जिस दवा की आपूर्ति हुई है, उसका निर्माण उत्तराखंड के रुड़की में संचालित रिलीफ बॉयोटेक प्राइवेट लिमिटेड दवा कंपनी ने किया है। यह कंपनी बीते लंबे समय से सरकारी अस्पतालों में इस दवा के साथ ही अन्य कई दवाओं की आपूर्ति भी करती है। अब निर्माता कंपनी द्वारा सप्लाई की जा रही अन्य दवाओं की लैब जांच की मांग भी उठने लगी है।

लैब जांच में गुणवत्ता के मानकों पर फेल
ऐसिक्लोफेनाक दवा का नमूना लखनऊ स्थित जन विश्लेषण प्रयोगशाला की जांच में गुणवत्ता के मानक पूरे न करने पर रिपोर्ट में फेल आया है। इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय पहुंचने के बाद पूरे मामले की जानकारी मुख्य चिकित्साधिकारी को लिखित रूप से अवगत करा दी गयी है। शैलेंद्र सिंह, औषधि निरीक्षक अंबेडकरनगर

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