लाखों रुपये की लागत से निर्मित सड़कें पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त होने लगी हैं। जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे तथा उखड़ी गिट्टियां निर्माण कार्य में बरती गई मनमानी बयां कर रही हैं। निर्माण के दौरान मानक की अनदेखी व जलनिकासी की व्यवस्था न किए जाने का ही नतीजा है कि पहली बारिश में ही नवनिर्मित सड़कें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होना शुरू हो गईं।
नतीजतन इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत सड़क निर्माण का कार्य जिले में तेजी से चल रहा है। करोड़ों रुपये खर्च कर सड़क का निर्माण तो कराया जा रहा है लेकिन गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया जा रहा।
निर्माण में बरती जा रहीं मनमानी की शिकायतें आए दिन स्थानीय लोगों द्वारा संबंधित अधिकारियों से की जाती हैं लेकिन ध्यान नहीं दिया जाता। नतीजतन कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्माण में मनमानी लगातार जारी है जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य में मनमानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक वर्ष में निर्मित एक दर्जन से अधिक मुख्य व संपर्क मार्ग पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। निर्माण में मानक की अनदेखी व जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न किए जाने के चलते नवनिर्मित सड़कों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बड़ी-बड़ी गिट्टियां उखड़ गई हैं।
इससे एक तरफ जहां लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं गड्ढों में गिरकर लोग चोटहिल भी हो रहे हैं। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने नवनिर्मित विभिन्न सड़कों का जायजा लिया, तो निर्माण में बरती गई लापरवाही खुलकर सामने आई। अकबरपुर-फैजाबाद सड़क निर्माण होने के एक वर्ष के अंदर जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने लगी।
बरसात में सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि एक तो निर्माण में मानक की अनदेखी की गई, उस पर से जलनिकासी की भी समुचित व्यवस्था नहीं की गई।
इसके चलते ही बारिश होने के साथ ही जलभराव व जगह-जगह से गिट्टियां उखड़ने लगीं। स्थानीय लोगों ने निर्माण में बरती गई लापरवाही की जांच कराने व दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। दोस्तपुर-पहितीपुर मार्ग का निर्माण हुए अभी एक वर्ष भी नहीं बीते हैं लेकिन सड़क जगह-जगह बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान ही बरती जाने वाली मनमानी की शिकायत संबंधित अधिकारियों से कई बार की गई लेकिन कभी ध्यान नहीं दिया गया। इसी का नतीजा है कि बरसात होते ही जगह-जगह से गिट्टियां उखड़ने लगीं। बड़े-बड़े गड्ढों के चलते आवागमन में लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बसखारी-जिला अस्पताल संपर्क मार्ग पहली बरसात में ही गड्ढों में तब्दील हो गया। इसका निर्माण हुए एक वर्ष होने को हैं लेकिन जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढे व उखड़ी गिट्टियां निर्माण में बरती जाने वाली मनमानी बयां कर रही हैं।
क्षतिग्रस्त मार्ग के चलते विशेषकर मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अभी बारिश ठीक से हुई भी नहीं है, तब इस मार्ग का यह हाल हो गया है। यदि कुछ दिनों तक लगातार बारिश हो तो इस मार्ग का क्या हाल होगा, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
अपर जिलाधिकारी रामसूरत पांडेय ने बताया कि सड़कों की जर्जर दशा को लेकर कुछ शिकायतें मिली हैं। उसका संज्ञान लेकर जांच के लिए निर्देशित किया गया है। इसमें जिस भी स्तर पर लापरवाही सामने आएगी, उस पर कार्रवाई तय होगी।