बसखारी (अंबेडकरनगर)। चंदे के विवाद को लेकर शुक्रवार को विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ का मुख्य गेट बंद कर सज्जादानशीन मोहिउद्दीन अशरफ धरने पर बैठ गए। इससे जायरीन को लगभग एक घंटे तक दर्शन से वंचित होना पड़ा। अधिकारियों की मान मनौव्वल के बाद गेट को फिर से जायरीन के लिए खोला जा सका। इससे पहले गुरुवार की रात दरगाह में चंदा वसूली को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए थे। उनके बीच मारपीट भी हुई। दोनों पक्षों ने हवाई फायरिंग का भी आरोप लगाया। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्ष की तरफ से केस दर्ज कर कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जिला जेल भेज दिया गया।
विश्व प्रसिद्ध किछौछा दरगाह शरीफ में चंदे के विवाद ने फिर से तूल पकड़ लिया है। गुरुवार देर रात हुई मारपीट व हंगामे के विरोध में शुक्रवार को सुबह करीब नौ बजे दरगाह का मुख्य गेट बंद कर दिया गया। इससे वहां दर्शन के लिए पहुंचे जायरीन को निराश होना पड़ा। सज्जादानशीन मोहिउद्दीन अशरफ घटना के विरोध में गेट पर ही धरने पर बैठ गए। उनके धरने तथा गेट बंद होने की खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया।
थाना प्रभारी बसखारी श्रीनिवास पांडेय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में एसडीएम टांडा अभिषेक पाठक व सीओ अकबरपुर अशोक कुमार सिंह पहुंचे। वहां सज्जादानशीन व अन्य जिम्मेदारों से वार्ता करते हुए कहा कि सभी जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद दरगाह के मुख्य गेट को जायरीन के लिए खोल दिया गया। इससे लगभग एक घंटे तक दर्शन से वंचित रहने वाले जायरीन ने राहत की सांस ली।
किसी अन्य अप्रिय स्थिति से बचने के लिए किछौछा में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। दरगाह के इर्दगिर्द के अलावा बाजार के अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस कर्मी गश्त करने लगे। सुरक्षा व्यवस्था माकूल होने पर जायरीन ने भी दरगाह में पहुंचकर जियारत शुरू कर दी। दोपहर बाद तक बड़ी संख्या में जायरीन की ओर से दरगाह में दर्शन आदि का दौर शुरू हो चुका था। उधर, पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की तरफ से केस दर्ज करने के बाद कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बसखारी थाने लाया गया। इसके बाद एसडीएम टांडा की कोर्ट में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पाठक ने सभी 21 आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया।
इस तरह लगाए एक-दूसरे पर आरोप
किछौछा दरगाह शरीफ के सज्जादानशीन मोहिउद्दीन अशरफ ने बसखारी थाने में दर्ज कराए केस में कहा है कि वे गुरुवार की रात अपनी खानकाह में जायरीन से मुलाकात कर रहे थे। इसी बीच आले मुस्तफा व अन्य लोग वहां आए और निशाना बनाते हुए फायरिंग कर दी। इसमें वे बाल-बाल बच गए। बाद में जायरीन को पीटा गया। दुकानों में तोड़फोड़ की गई। इसमें कई जायरीन घायल हो गए। पुलिस ने सज्जादानशीन की तहरीर पर आले मुस्तफा उर्फ छोटे बाबू, सैयद अजीज अशरफ, सैयद अनीस अशरफ, सैयद यहिया व गुड्डू के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया। उधर, पीरजादगान इंतेजामिया कमेटी के उपाध्यक्ष आले मुस्तफा उर्फ छोटे बाबू ने बसखारी थाने में तहरीर देकर कहा कि कुछ लोग दरगाह गद्दी पर बैठ कर जायरीन से अनाधिकृत ढंग से चंदा मांग रहे थे। जब इस बारे में मैंने गद्दी के पास जाकर मना किया तो गाली गलौज करते हुए दौड़ा लिया। वे अपने कार्यालय में दौड़कर पहुंचे तो वहां फायर कर जानलेवा हमला किया गया, लेकिन इसमें वे बच गए। कमेटी के मैनेजर सैय्यद आफताब अशरफ के सिर पर रॉड से प्रहार कर जान लेने की कोशिश की गई। कहा गया कि दुबई में मौजूद मेराजुद्दीन की साजिश पर यह घटना हुई है। पुलिस ने इंतेजामिया कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मेराजुद्दीन, आफताब, माजिद, नजरू, दबीर, मुनीर शाह, कबीर शाह व शेरू शाह के विरुद्ध नामजद तथा पांच अन्य अज्ञात के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया।