सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मरीज। संवाद
अंबेडकरनगर। बारिश के दिनों में सांप के काटने के मामले बढ़े हैं। रविवार रात आठ बजे से करीब 18 घंटे में जिला अस्पताल की इमरजेंसी सांप के काटने के 10 मरीज पहुंचे। दो मरीजों की हालत में सुधार न होने से उन्हें भर्ती किया गया है। बीते करीब दो माह से अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम की खपत बढ़ी है।
बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव है। जमीन के नीचे बने बिलों और दरारों में पानी भरने के कारण जहरीले सांप सूखे और सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी वाले इलाकों और घरों में घुस रहे हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग सांप के शिकार बन रहे हैं। जिल अस्पताल की इमरजेंसी में तीन दिनों में एंटी स्नेक वेनम की खपत तेजी से बढ़ी है। जिला अस्पताल में अब तक 4000 से अधिक एएसवी वॉयल की खपत हो चुकी है। वहीं 4017 एएसवी वॉयल उपब्ध है। ईएमओ डॉ. एसके विश्वास ने बताया कि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का प्राथमिकता के साथ उपचार किया जाता है। पिछले 24 घंटे में जिला अस्पताल में एएसवी की 55 वाइल प्रयोग हुई हैं।
यह हुए शिकार
रविवार रात आठ बजे के करीब यरकी की रहने वाली संध्या को सांप ने घर में काम करने के दौरान काट लिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया। इसके बाद सांप के काटने वाले वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी और गोहन्ना की अभी, चिंगी के ललित वर्मा, बरौसा की सुभद्रा, टोटीबरा के धर्मेंद्र, बसोहरी की रीमा, अयोध्या की रोशनी, अशरफपुर के उत्तम, गदाया की तीजा देवी व पीरपुर की जगदंबा को रात में भर्ती किया गया।
एएसवी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध
जिला अस्पताल में एएसवी की पर्याप्त उपलब्धता है। सांप काटने के बाद अस्पताल पहुंचने के बाद मरीज का बेहतर उपचार किया जाता है। जिस मरीज को जितनी आवश्यकता होती है, उसे उतनी डोज लगाई जा रही है।
डॉ. पीएन यादव, सीएमएस