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Ambedkar Nagar News: पूरी हो भूमि की तलाश तो महाविद्यालय को मिले आईसीएआर की मान्यता

Sat, 06 Jul 2024 10:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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नीलेश मिश्र
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कटेहरी (अंबेडकरनगर)। महामाया कृषि अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय शिवबाबा के लिए एक वर्ष से 20 हेक्टेयर भूमि की तलाश पूरी नहीं हो पा रही है। इसके चलते महाविद्यालय को इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च (आईसीएआर) की मान्यता नहीं मिल पा रही। साथ ही लाखों रुपये खर्च कर छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए खरीदी गई मशीनें भी धूल फांक रही हैं।
आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या महाविद्यालय में छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए सुविधाओं में बढ़ोतरी कर रहा है। इसके लिए नई व्यवस्था के तहत आईसीएआर की मान्यता दी जा रही है। इस मान्यता के लिए काॅलेज के पास 20 हेक्टेयर भूमि होना जरूरी है। वर्ष 2023 में काॅलेज की तरफ से प्रशासन को पत्र लिखा गया। इसमें अकबरपुर, भीटी या टांडा तहसील क्षेत्र में भूमि उपलब्ध कराने की मांग है। लेकिन अब तक यह भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी।
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इसके चलते जहां काॅलेज में कृषि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को न तो बेहतर फार्मिंग की शिक्षा मिल पा रही है और न ही कृषि उपकरणों के बारे में बेहतर शिक्षा देने के लिए लाखों रुपये खर्च कर आई मशीनों का ही उपयोग हो पा रहा है। इससे मशीनें कमरों में पड़ी धूल फांक रही हैं। वर्ष 2005 में स्थापित महाविद्यालय में इस समय बीटेक के तीन ट्रेड में 103, एमटेक में 8 व पीएचडी 7 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं।
कॉलेज को जल्द ही भूमि उपलब्ध न हुई तो आने वाले समय में छात्र-छात्राओं की संख्या भी घट सकती है। कारण यह की छात्र-छात्राएं आईसीएआर से मान्यता प्राप्त काॅलेज में ही प्रवेश लेंगे।


किसानों को भी मिलेगा लाभ
कॉलेज को 20 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध हो जाती तो इसका लाभ जिले के किसानों को भी मिलेगा। कृषि इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राएं जहां नवीन खेती व उपकरणों की जानकारी प्राप्त करते वहीं जिले के किसान यहां पहुंचकर खेती किसानी के बारे में बेहतर जानकारी हासिल कर सकते हैं। इस तरह की व्यवस्था न होने के चलते जिले के किसानों को कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज जाना पड़ता है।
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भेजा जा चुका है पत्र
जिले के अकबरपुर, भीटी या टांडा तहसील में से किसी एक तहसील में भूमि उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है। जल्द ही दोबारा पत्राचार किया जाएगा। लगातार कॉलेज प्रशासन प्रशासन के संपर्क में हैं। -रामजीत सिंह, अधिष्ठाता महामाया कृषि अभियंत्रण एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय शिवबाबा
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