अंबेडकरनगर। जिले में 12 अक्तूबर तक यदि 1126 कोटे की दुकानों से जुड़े चार लाख एक हजार उपभोक्ताओं को राशन नहीं बांटा गया तो संबंधित कोटेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएम के इस निर्देश के साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी कोटेदारों से कहा है कि इसका पूरा पालन कराया जाए।
तीन रुपये प्रति किग्रा. चावल व दो रुपये प्रति किग्रा. गेहूं दिया जाएगा। पात्र गृहस्थी राशनकार्डधारकों को तीन किग्रा. चावल व दो किग्रा. गेहूं प्रति यूनिट तो अंत्योदय कार्डधारकों को 20 किग्रा. चावल व 15 किग्रा. गेहूं प्रति कार्ड देना होगा। इससे कोटेदारों में हड़कंप मच गया है।
कोटे से जुड़े उपभोक्ताओं को समय पर राशन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। कोटेदारों की लापरवाही के चलते समय पर उपभोक्ताओं को अक्सर राशन नहीं मिल पाता था। नियमित राशन का विलंब से वितरण किए जाने के चलते प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का राशन समय पर नहीं उठ पाता था।
इसके चलते ही कई माह का राशन लंबित चलता रहा है। अब शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देशित किया है कि जिस भी कोटेदार की ओर से राशनवितरण में लापरवाही बरती जाए, उसे नोटिस दी जाए। यदि इसके बाद भी कोई गंभीरता न दिखे तो सख्त कार्रवाई की जाए। इस बीच अक्तूबर में नियमित राशन के उठान का कार्य पूरा कर लिया गया है।
सभी 1126 कोटेदारों को निर्देशित किया गया है कि छह से 12 अक्तूबर तक हर हाल में राशन का वितरण कर दिया जाए। साथ ही वितरण संबंधित अभिलेखों को पूर्ति निरीक्षकों को उपलब्ध करा दिया जाए। जिले में कुल 1126 कोटे की दुकानें हैं। इससे चार लाख एक हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। इसमें तीन लाख 35 हजार 33 पात्र गृहस्थी, जबकि 65 हजार 967 अंत्योदय राशनकार्डधारक हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि सभी कोटे को राशन उपलब्ध करा दिया गया है। इस समयावधि में यदि पात्रों को राशन नहीं बांटा गया तो संबंधित कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।