अंबेडकरनगर। कटेहरी स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बालिका छात्रावास के लिए जमीन की खोज पूरी नहीं हो पा रही है। इसके चलते ही छात्रावास बनाने के लिए स्वीकृत दो करोड़ की बजट राशि के बाद भी इसका निर्माण नही शुरू नहीं हो पा रहा है। छात्राओं को इससे हो रही परेशानी के बाद अब जिलाधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए छात्रावास के लिए आरक्षित जमीन को प्राथमिकता पर चिह्नित कराने का निर्देश दिया है।
माध्यमिक स्तर की शिक्षा हासिल करने में बालिकाओं को बढ़ावा देने के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में सौ सौ बेड के छात्रावास का निर्माण कराने का निर्णय हुआ था। इस योजना के पहले चरण में भियांव , अकबरपुर व जलालपुर को मंजूरी मिली थी जबकि दूसरे चरण में भीटी, जहांगीरगंज, रामनगर, टांडा व कटेहरी स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय परिसर में छात्रावासों के निर्माण कार्य को स्वीकृत मिली थी।
दूसरे चरण में प्रत्येक हॉस्टल के निर्माण के लिए 2.18 करोड़ की बजट राशि स्वीकृत कर इनके निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था यूपी लैकफेड को सौंपी गयी थी। हॉस्टल निर्माण में तेजी के लिए प्रथम किस्त के रूप में 86-86 लाख रुपये की राशि कार्यदायी संस्था को मुहैया भी कराई जा चुकी है। इस कार्ययोजना के तहत कटेहरी ब्लाक को छोड़ अन्य सभी ब्लाक में स्थित कस्तूरबा गांधी विद्यालय परिसरों में हॉस्टल निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है।
सिर्फ कटेहरी में बालिका छात्रावास के निर्माण के लिए अभी तक जमीन भी चिह्नित कर कार्यदायी संस्था को उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। विद्यालय परिसर में पर्याप्त जगह न होने पर छात्रावास निर्माण के लिए ग्राम पंचायत के स्तर से पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराई जानी थी। लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते साल भर बाद भी छात्रावास निर्माण के लिए जमीन की खोज का कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
इस संबंध में प्रभारी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सत्यप्रकाश मौर्य का कहना है कि कटेहरी में विद्यालय परिसर में पर्याप्त जगह न होने के कारण छात्रावास का निर्माण नहीं हो सका है। इसके लिए विद्यालय के निकट ही ग्राम पंचायत की खाली जमीन को चिह्नित किए जाने का निर्देश डीएम ने दिया है। जमीन की खोज का कार्य पूरा होते ही छात्रावास का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
बसखारी में जल्द बनेगा विद्यालय
बसखारी विकास खंड में अब तक कस्तूरबा गांधी विद्यालय संचालित नहीं है। इससे संबंधित क्षेत्र की आर्थिक रूप से कमजोर बालिकाओं को बेहतर शिक्षा हासिल करने में समस्या हो रही है। इस इलाके में लंबे समय से कस्तूरबा गांधी विद्यालय स्थापित किए जाने की मांग भी की जा रही थी। इसे संज्ञान में लेते हुए बीते दिनों ही विद्यालय निर्माण के लिए शासन स्तर से एक प्रस्ताव मांगा गया था। इसके लिए शुकुलबाजार में खाली पड़ी सरकारी जमीन भी उपलब्ध करा दी गई है। भरोसा जताया जा रहा है कि शासन स्तर से स्वीकृति बाद यहां भी नए कस्तूरबा गांधी विद्यालय के साथ ही 100 बेड क्षमता के छात्रावास का का निर्माण कार्य शुरू होगा।