अंबेडकरनगर। पत्नी की हत्या में 12 वर्ष से जेल में निरुद्ध आरोपी पति को बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर अलग-अलग धाराओं में 12 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। आदेश में कहा कि यदि जुर्माने की रकम न अदा की गई तो उसे एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
आजमगढ़ जनपद निवासी बाबूलाल ने वर्ष 2011 में बसखारी थाने में अपनी बहन की हत्या का केस दर्ज कराया था। बताया कि उसकी बहन कलामती का विवाह करीब 8 वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र बसखारी के कटारगढ़ निवासी अरविंद कुमार के साथ हुआ था। पति सहित उसकी मां धनौता देवी, भाई चुन्नीलाल व भाई की पत्नी परतावी देवी उसे प्रताड़ित करते थे। 7 जून को उन लोगों ने मिलकर उसकी बहन की गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर सभी को जेल भेजा। पति अरविंद के अलावा अन्य आरोपियों को जमानत मिल गई थी। सत्र परीक्षण के दौरान अपर जिला सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डुंगराकोटी ने साक्ष्य के अभाव में अन्य परिजनों को दोष मुक्त कर दिया। जबकि पति को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।