अंबेडकरनगर। निकाय चुनाव की प्रक्रिया के चलते राजस्व के लंबित मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। अकबरपुर तहसील में फरियादी पहुंचते तो हैं लेकिन नामांकन होने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। उन्हें एक नई तारीख दे दी जा रही है।
मौजूदा समय में निकाय चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। जिन निकायों में नामांकन संबंधित तहसील में हो रहा है, वहां राजस्व से संबंधित लंबित मुकदमों की सुनवाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। नगर पालिका अकबरपुर के अध्यक्ष व सभासद पद के लिए नामांकन अकबरपुर तहसील में हो रहा है। ऐसे में राजस्व कोर्ट में आमतौर पर मुकदमों की सुनवाई नहीं हो रही है। जो भी वादकारी आते हैं उन्हें तारीख दे दी जा रही है। इससे उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
अकबरपुर तहसील में एसडीएम व तहसीलदार कोर्ट में लगभग साढ़े तीन हजार राजस्व के मामले लंबित हैं। वादकारियों को तारीख पर तारीख मिलती रहती है। कभी अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते तारीख मिल जाती है तो कभी किसी अन्य कारणों से। अब चुनाव प्रक्रिया से सुनवाई टल रही है। इसका खामियाजा वादकारियों को भुगतना पड़ रहा है। बुधवार को टीम जब अकबरपुर तहसील पहुंची तो कुछ वादकारी अकबरपुर तहसील परिसर में मौजूद मिले। जब उनसे इस संबंध में जानकारी हासिल की गई तो उनका दर्द कुछ इस प्रकार से छलक कर सामने आया-
सुनवाई के बजाय मिली तारीख
सुड़ारी निवासी पुरुषोत्तम एक मुकदमे की तारीख पर अकबरपुर तहसील पहुंचे थे। निकाय चुनाव के चलते सुनवाई नहीं हुई, उन्हें नई तारीख दे दी गई। पुरुषोत्तम ने कहा कि लगभग दो वर्ष पहले तहसीलदार कोर्ट में बंटवारे के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। विपक्षियों ने एक भूखंड का बैनामा कर दिया। तब से अब तक मुकदमा चल रहा है। हर बार तारीख दे दी जाती है। आज भी उम्मीद के साथ पहुंचे थे लेकिन यहां पता चला कि मुकदमे से संबंधित कोई काम नहीं होगा। अब ऐसे में एक बार फिर से वापस लौटना पड़ रहा है।
अगली तारीख का इंतजार
मूसपुर गिरंट निवासी भगवानदीन एक मुकदमे में अकबरपुर तहसील पहुंचे थे। निकाय चुनाव के चलते उन्हें नई तारीख मिल गई। मायूस होकर लौट भगवानदीन ने कहा कि हमने अपनी ही भूमि पर रास्ता बनाया था। विपक्षियों ने उसे सरकारी भूमि पर रास्ता बनाए जाने का आरोप लगाते हुए तहसीलदार कोर्ट में याचिका दायर किया था। इस पर हमारे ही ऊपर केस करवा दिया गया। यह मुकदमा पांच वर्ष से चल रहा है। आज भी पेशी थी, यहां पता चला कि निकाय चुनाव के चलते सुनवाई नहीं होगी। ऐसे में नई तारीख दी जाती है। अब एक बार फिर से अगली तारीख का इंतजार करना पड़ेगा।
न्याय के लिए लगा रहे दौड़
कोतवाली क्षेत्र अकबरपुर के शहजादपुर निवासी इमरान खान एक मुकदमे के सिलसिले में अकबरपुर तहसील पहुंचे थे। उन्हें भी नई तारीख दे दी गई। इमरान ने कहा कि मेरे चचेरे भाई आजाद ने अपना घर के एक भाग को किराए पर दे रखा था। किराएदार ने उस पर कब्जा कर लिया। जब इस संबंध में एसडीएम कोर्ट में केस किया तो पूरे घर को ही सील करवा दिया गया। ऐसे में अब आजाद को अपने रिश्तेदार के घर रहना पड़ रहा है। पिछले जनवरी माह से तारीख मिल रही है लेकिन न्याय नहीं मिला। आज भी तारीख थी लेकिन अब एक नई तारीख मिल गई है।