अंबेडकरनगर। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट रामविलास सिंह ने मंगलवार को दहेज हत्या के केस की सुनवाई के दौरान आरोपी वीरेंद्र यादव को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके ऊपर कोर्ट ने 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
आलापुर के धनुकारा निवासी राधेश्याम यादव के मुताबिक अपनी बेटी सरिता का विवाह गाेंडा जिले के तरबगंज थाने के तिलई का पुर्वा निवासी रामसुख यादव के बेटे वीरेंद्र यादव के साथ की थी। जिसके बाद उनका दामाद बेटी को लेकर दिल्ली के सुल्तानपुरी थाने के कृष्ण बिहार नियर लक्ष्मी डेरी लेकर चला गया था। वहीं पर दोनों रहते थे। जहां वीरेंद्र व उसके परिजन उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। 10 सितंबर 2020 को उनकी बेटी ने फोन कर आप बीती बताई थी।
दूसरे दिन ही बेटी की मौत की खबर उसके ससुराल से आई थी। 30 अक्तूबर 2020 को राधेश्याम ने अपने दामाद वीरेंद्र, सुसुर रामसुख यादव सहित अन्य परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इसी मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है।