केदारनगर (अंबेडकरनगर)। क्षेत्र के करमपुर बरसावां में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कथा प्रवाचक आचार्य ज्ञान प्रकाश द्विवेदी ने अपने प्रवचन से श्रोताओं को भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भागवत का प्रथम संदेश है प्रणत क्लेश नाशाय अर्थात जो जीवन में प्रणाम, अभिवादनशीलता और विनम्रता अपनाता है, उसके सभी प्रकार के क्लेश स्वतः नष्ट हो जाते हैं। मनुष्य को सदैव विनम्र रहना चाहिए, क्योंकि विनम्रता ही वह आभूषण है, जो व्यक्ति को ईश्वर के और निकट ले जाती है। हर मनुष्य के भीतर थोड़ी-बहुत दानवी या आसुरी प्रवृत्तियां रहती हैं, जिन्हें विवेक और सद्चरित्र से लगातार नियंत्रित करने की आवश्यकता है। भागवत सुनने का उद्देश्य ही मन को शुद्ध करना और जीवन को सात्विक दिशा में अग्रसर करना है। प्रवाचक ने कहा कि प्रभु के सभी अवतार कल्याणकारी हैं, परंतु कृष्ण अवतार विलक्षण और अद्भुत है। श्रीकृष्ण के रूप में प्रभु की बाल लीलाएं, नीति, ज्ञान, माधुर्य, करुणा और पराक्रम सबका दर्शन होता है। इसलिए कृष्ण लीला का श्रवण मन, बुद्धि और आत्मा पवित्र करता है।