थाना क्षेत्र भीटी अंतर्गत काही ग्राम पंचायत के मजरा तिवारी का पूरा गांव में बुधवार भोर में तेज बारिश के दौरान छप्परनुमा मकान ढह गया। इससे एक बालिका समेत तीन लोग मलबे में दब गए। गुहार पर पहुंचे ग्रामीणों ने लगभग आधे घंटे के अथक प्रयास के बाद मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक तीनों गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
आननफानन में उन्हें सीएचसी भीटी ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, अन्य दोनों घायलों का इलाज सीएचसी में चल रहा है। बाद में तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बंधाया व आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
तिवारी का पूरा गांव निवासी राजेश के घर बुधवार भोर में बड़ा हादसा हो गया। परिवार के सभी सदस्य मंगलवार रात भोजन कर अलग-अलग हिस्से में सोने चले गए। राजेश की पुत्री रेशमी (11), पुत्र सुरजीत (13) व माता सरजीदेई (60) बाहरी भाग में सो रहे थे। देर रात से शुरू हुई बारिश के बीच बुधवार भोर में लगभग तीन बजे अचानक घर का बाहरी हिस्सा ढह गया।
इससे रेशमी, सुरजीत व सरजीदेई उसकी चपेट में आ गए। गुहार पर आसपास के ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। परिवारीजनों ने ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाना प्रारंभ कर दिया। लगभग आधा घंटे के अथक प्रयास के बाद सभी को बाहर निकाला गया लेकिन तब तक वे गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
आननफानन में उन्हें सीएचसी भीटी ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने रेशमी को मृत घोषित कर दिया जबकि अन्य दोनों घायलों का इलाज सीएचसी में चल रहा है। वृद्धा की हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, घटना से परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। इस बीच सूचना मिलने पर एसओ चंद्रभान यादव बुधवार सुबह दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में तहसीलदार सुदामा वर्मा व कानूनगो यमुनाप्रसाद वर्मा राजस्व कर्मियों के साथ गांव पहुंचे और परिवारीजनों से मुलाकात कर जानकारी प्राप्त की और ढांढस बंधाते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।