प्रमुख सचिव बाल विकास विभाग कुमार कमलेश ने इस संबंध में निर्देश दिया है। योजना के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए दो माह की धनराशि विभाग को उपलब्ध करा दी गई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा बाल विकास के तहत हाटकुक्ड योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत केंद्रों पर पंजीकृत पांच वर्ष तक के बच्चों को मेन्यू के अनुसार संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाना है।
जिले में योजना का संचालन एनजीओ द्वारा किया जा रहा था। इसमें विभिन्न प्रकार की गड़बड़ी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। कभी मानक के अनुरूप भोजन न उपलब्ध कराने की शिकायतें सामने आतीं, तो कभी बच्चों को सड़ा हुआ भोजन परोसे जाने की।
लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए फरवरी 2015 में इस योजना को जिले में ठप कर दिया गया। नतीजा यह हुआ कि जिले के 2 हजार 548 आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 2 लाख 88 हजार 660 बच्चे प्रभावित हुए।
प्रमुख सचिव बाल विकास विभाग कुमार कमलेश ने संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर योजना को फिर शुरू करने का निर्देश दिया। इस बार इसकी जिम्मेदारी किसी एनजीओ को न देकर मातृ समिति को सौंपी गई। समिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री व सुपरवाइजर को रखा गया।