अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में मंगलवार को सीटी स्कैन के लिए आने वाले मरीजों को एक बार फिर मायूस होकर लौटना पड़ा। दरअसल, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पास अंडरग्राउंड केबल सोमवार देर रात फुंक गई। इससे जिला अस्पताल की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मंगलवार सुबह जेनरेटर से अन्य मशीनें तो चल गईं, लेकिन सीटी स्कैन मशीन नहीं चल पाई। नतीजतन सीटी स्कैन के लिए पहुंचे 32 मरीजों को बैरंग होना पड़ा।
जिला अस्पताल में जांचों के लिए लगी मशीनें सही से चल सकें, इसके लिए जरूरी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कभी मशीन में तकनीकी खराबी के चलते उसका लाभ मरीजों को नहीं मिल पाता तो कभी बिजली आपूर्ति में दिक्कत से मशीनें नहीं चल पाती हैं। मंगलवार को भी सीटी स्कैन मशीन न चल पाने से एक बार फिर मरीजों को समस्या हुई।
दरअसल, सोमवार देर रात झमाझम बारिश के बीच राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पास अंडरग्राउंड केबल फुंक गई। इससे जिला अस्पताल की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। मंगलवार सुबह गड़बड़ी को नहीं दूर किया जा सका। नतीजा यह हुआ कि जेनरेटर चलाकर जांच के लिए अन्य मशीनों का संचालन तो हुआ लेकिन सीटी स्कैन मशीन जेनरेटर से भी नहीं चल सकी। मशीन का संचालन न होने से सीटी स्कैन के लिए लाइन में लगे 32 मरीजों को सीटी स्कैन कराए बिना ही घर लौटने को मजबूर होना पड़ा।
सीटी स्कैन के लिए सूरापुर से आए लालबहादुर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कि खराब मौसम के बीच बड़ी मुश्किल से वे जिला अस्पताल आए। यहां लाइन में लगने के एक घंटे बाद बताया गया कि बिजली खराब होने के चलते मशीन का संचालन नहीं हो सकता। कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है। इससे पहले भी कई बार मरीजों को वापस लौटना पड़ा है।
बेलवारी के अलताफ व मसड़ा मोहनपुर के सुग्रीव ने कहा कि मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए जिला प्रशासन कभी भी गंभीरता नहीं दिखा सका। अक्सर मशीनें जवाब दे जाती हैं, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। रामपुर सकरवारी की बबिता व शहजादपुर की गिरिजा देवी ने कहा कि बारिश के बीच वे बड़ी उम्मीद के साथ सीटी स्कैन कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। यहां पता चला कि मशीन ही नहीं काम कर रही। अब मजबूरन खराब मौसम के बीच वापस लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है।
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के पास अंडर ग्राउंड केबल जल गई थी, जिससे जिला अस्पताल की आपूर्ति ठप हो गई। जेनरेटर से अन्य मशीनें तो चलीं, लेकिन सीटी स्कैन मशीन नहीं चल सकी। गड़बड़ी को दूर कराया जा रहा है।
- डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस