रहमतों का महीना पवित्र रमजान माह की शुरुआत 7 जून से हो रही है। इसे लेकर जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में तैयारियां पूरी कर ली गईं। प्रतिदिन होने वाली विशेष नमाज तरावीह का समय भी मस्जिदों में तय कर लिया गया। पर्व के मद्देनजर जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी बाजारों में खजूर, सेवई व लच्छे आदि की दुकानें सज गईं।
सोमवार देर शाम तक लोगों ने जमकर खरीदारी की। मुसलमानों का पवित्र रमजान माह मंगलवार से प्रारंभ हो रहा है। मान्यता है कि वर्ष में इकलौता रमजान माह ऐसा है, जब अल्लाह स्वयं रोजेदारों की मेजबानी करता है। वह अपने बंदों के लिए रहमतों के दरवाजे खोल देता है। साथ ही अपने नेक बंदों के गुनाहों को माफ कर देता है।
पर्व को लेकर जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्व को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं। शिया जामा मस्जिद अकबरपुर, पेवाड़ा, मीरानपुर, पुराने तहसील तिराहा, शहजादपुर चौक, अब्दुल्लापुर, शहजहांपुर, बस स्टेशन क्षेत्र के अलावा टांडा, जलालपुर, आलापुर व भीटी तहसील क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों की विशेष साफ-सफाई सोमवार देर शाम तक चलती रही।
पर्व के मद्देनजर जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-बड़ी बाजारों में जगह-जगह खजूर, लच्छा व सेवई समेत पर्व संबंधित अन्य सामग्रियों की दुकानें सज गईं। सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक चलता रहा।
शिया धर्मगुरू मौलाना मोहम्मद अब्बास ने रोजेदारों को रमजान माह की मुबारकबाद देते हुए लोगों से आह्वान किया कि इस पवित्र माह में वे कोई ऐसा कार्य न करें, जो अल्लाह की निगाह में गलत हो। यदि कोई रोजा नहीं रख सकता, उसे चाहिए कि वह कोई ऐसा कार्य न करे, जिससे रोजेदारों को ठेस पहुंचे।
शहर इमाम मौलाना शकील अख्तर ने कहा कि पवित्र रमजान रहमतों का महीना है। अल्लाह अपने बंदों के लिए इस महीने रहमतों का दरवाजा खोल देता है। ऐसे में हमें कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, जिसकी इजाजत अल्लाह ने न दी हो।