अंबेडकरनगर। अयोध्या राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जिले में पहली बार होली व दीपावली का उल्लास एकसाथ दिखा । छिटपुट मामलों को छोड़ दिया जाए तो यह पहला मौका था जब अलग-अलग शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पटाखों की गूंज के साथ ही अबीर गुलाल भी उड़ते दिखे। शाम होते ही रंगबिरंगी झालरों से शहरी क्षेत्र रोशन हो उठे। घरों व प्रतिष्ठानों से लेकर घाटों पर लाखों दीपक एक साथ जगमग हुए तो मानो देवलोक धरती पर उतर आया हो ।
सोमवार की सुबह समूचे जिले का नजारा एकदम बदला हुआ था। हर किसी को अयोध्या राममंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार था। इसके स्वागत के लिए भोर से ही लोगों ने बिस्तर छोड़ दिया। किसी को मठ मंदिरों पर होने वाले आयोजन की तैयारी के सिलसिले में निकलना था तो किसी को शोभायात्रा या भंडारे की तैयारी में। दिन चढ़ने के साथ ही लोगों में उल्लास व गर्मजोशी बढ़ने लगी।
दिन के दस बजने को हुए तो ज्यादातर क्षेत्रों में भगवा वस्त्रों व झंडों के साथ लोगों की टोलियां दिखने लगीं। जिन क्षेत्रों में रविवार को भगवा ध्वज व पताका नहीं सजाए गए थे वहां सोमवार सुबह यह काम पूरा कर लिया गया। दुकानों की बंदी का कोई आदेश न होने के बावजूद इक्का-दुक्का को छोड़कर ज्यादातर लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। लोग भगवान राम के स्वागत की तैयारी में जुटे दिखे। दोपहर तक सभी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में उल्लास चरम पर पहुंच गया था। लोगों ने खूब अबीर गुलाल उड़ाए। कहीं शोभायात्रा में तो कहीं भंडारे के सामने मौजूद लोगों ने एक दूसरे को रंग में सराबोर कर दिया। सबसे ज्यादा जश्न अकबरपुर व टांडा नगर में देखने को मिला।
जलालपुर, बसखारी, रामनगर, भीटी, जहांगीरगंज समेत अन्य क्षेत्रों में भी होली के साथ दीपावली का दृश्य दिखा। जगह-जगह पटाखे दगाए गए। शाम होते ही शहरी क्षेत्रों को जगमग कर दीपावली मनाई गई। पवित्र नदियों के घाटों, मंदिरों, घरों, दुकानों, सार्वजनिक स्थानों व विभिन्न प्रतिष्ठानों पर शाम होते ही दीपक जल गए। पूरे जिले में लाखों दीपक एकसाथ जगमगा उठे। बड़े पैमाने पर दीपक, सरसों के तेल व बाती आदि का वितरण एक दिन पहले तक अलग-अलग संस्थाओं, हिंदू संगठनों के स्वयंसेवकों तथा भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने किया था ।