अंबेडकरनगर। विश्व हिंदी दिवस के मौके पर मंगलवार को जिले के अलग-अलग जगहों पर गोष्ठी व कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसमें हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा दिए जाने की संकल्पना को दोहराया गया। वक्ताओं ने कहा कि हिंदी भाषा को सरकारी व निजी कार्यालयों में अनिवार्य रूप से लागू करने की जरूरत है।
बीएनकेबी पीजी कॉलेज अकबरपुर में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी को जनमत की भाषा बनाना, बगैर उनकी मातृभाषा भूले विषय पर गोष्ठी का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशांक मिश्र, विवेक तिवारी, हरिकेश व अमित कुमार ने हिंदी के विस्तार पर प्रकाश डाला। कहा कि हमें हिंदी की महत्ता को समझना होगा। यूनेस्को ने भी हिंदी को अपनी एक अधिकारिक भाषा बनाया है। हिंदी विभिन्न देशों के लोगों को जोड़ने का काम करती है।
कॉलेज में इस दौरान साहित्यिक प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी हुआ। इसमें छात्र छात्राओं ने ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में जयशंकर प्रसाद व रामधारी सिंह दिनकर की टीम ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया।
जन शिक्षण केंद्र कुटियवा में सचिव पुष्पा पाल के नेतृत्व में गोष्ठी का आयोजन हुआ। रमाबाई डिग्री कॉलेज अकबरपुर सहित अन्य कॉलेजों में गोष्ठी का आयोजन कर हिंदी के विकास पर चर्चा है।