अंबेडकरनगर। स्कूलों और रिहायशी इलाकों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनें लोगों के लिए खतरा बनी हुई हैं। कई स्थानों पर ये तार सीधे विद्यालय परिसरों और मकानों के ऊपर से गुजर रहे हैं, जिससे कभी भी हादसे की आशंका बनी रहती है। बारिश और आंधी के दौरान इन तारों से करंट फैलने का खतरा और बढ़ जाता है। बिजली विभाग की ओर से कुछ विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों को हटाया जा चुका है, लेकिन अभी भी कई स्कूल और घर ऐसे हैं जहां यह समस्या बनी हुई है।
स्कूल की छत से सटा ट्रांसफार्मर
विकासखंड बसखारी के सुलेमपुर स्थित रामलाल रघुनाथ वर्मा आदर्श इंटर कॉलेज की छत से सटा ट्रांसफार्मर बच्चों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है। बच्चे भोजन अवकाश के समय छत पर खेलने के लिए जाते हैं। विद्यालय के प्रधानाचार्य शंभू नाथ मौर्या ने बताया कि ट्रांसफार्मर का हटना बहुत जरूरी है। रोजाना इस पर ध्यान दिया जाता है कि बच्चे ट्रांसफार्मर के आसपास ना जा सकें। इसके लिए विभाग से शिकायत भी की जा चुकी है।
प्राथमिक विद्यालय के पास झूल रही एचटी लाइन
जलालपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय गौरा कमालपुर के पास से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की सुरक्षा जाली लटक रही है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के कर्मचारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि जर्जर अवस्था में लटके यह तार किसी भी समय दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
अन्नावां बाजार में एचटी लाइन से हादसे का डर
कटेहरी क्षेत्र के अन्नावां में श्रवण क्षेत्र मार्ग के पास घरों के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की एचटी लाइन के नीचे सुरक्षा जाली नहीं लगी है। स्थानीय निवासी पंकज शास्त्री और पप्पू अग्रहरि के घर के ऊपर से 11 हजार वोल्ट का तार गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि तार की स्थिति को देखते हुए घर के सदस्य छत पर जाने से बचते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण बनी हुई है। इस समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
105 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से हटे तार, 56 में तैयारी
जिले में कुल 1591 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं, जहां लगभग 1.42 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। गत वर्ष बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से 105 ऐसे स्कूल चिह्नित किए गए थे, जहां छात्र-छात्राएं हाईटेंशन तारों के साए में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर थे। पाॅवर कॉरपोरेशन ने इन विद्यालयों से तारों की शिफ्टिंग के लिए 87 लाख रुपये का प्रस्ताव बेसिक शिक्षा विभाग को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिलने के बाद बजट ट्रांसफर कर दिया गया था। इन विद्यालयों के ऊपर से तार हटा दिए गए हैं। फरवरी में 56 और विद्यालयों के ऊपर से तार हटाया जा रहा है। - रजनीश श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता