जलालपुर (अंबेडकरनगर)। स्थानीय जलालपुर तहसील परिसर में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन के लिए तहसील में बनी हेल्प डेस्क महज शोपीस बनी नजर आती है। हमेशा खाली रहने वाली हेल्प डेस्क में आने वाली पीड़ित महिलाओं को मदद के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है।
जलालपुर तहसील क्षेत्र के भिस्वा चितौना गांव की एक पीड़िता महिला हेल्प डेस्क पर सुनवाई न होने के कारण अपनी समस्या का निस्तारण कराने के लिए तहसील कार्यालय से लेकर समाधान दिवस तक चक्कर काट रही है। पीड़िता की घरौनी बनाने के दौरान कर्मचारियों ने मनमाने ढंग से उसके 40 साल पुराने मकान को दूसरे के नाम दर्ज कर दिया। हेल्प डेस्क पर किसी भी कर्मचारी की तैनाती न होने के कारण तहसील पहुंचने वाली महिलाओं को काफी परेशानी उठाना पड़ती है। स्थानीय निवासी राजेश कुमार, शिवमूरत व लालता आदि ने हेल्प डेस्क के सुचारु संचालन की मांग डीएम व एसडीएम को प्रेषित पत्र में की है। एसडीएम हरिशंकर लाल का कहना है कि इस संबंध में मिली शिकायत के बाद हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मचारियों की नियमित तैनाती सुनिश्चित कराई जाएगी।