अंबेडकरनगर। समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायीकरण और वेतन विसंगतियां दूर करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी है। इसका असर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने लगा है। कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते रविवार को लगने वाला जनआरोग्य मेला भी प्रभावित रहा।
सुबह आठ बजे से खुलने वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरे दिन ताले लटके रहे। इससे इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भटकना पड़ा। कई लोगों ने निजी चिकित्सकों और मेडिकल स्टोरों से दवाएं लेकर काम चलाया। सबसे अधिक परेशानी दूरदराज से आए मरीजों को हुई। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित करीब 35 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके रहे।
कर्मचारियों ने ठप किया काम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में करीब 1000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें डॉक्टर, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ), स्टाफ नर्स, एएनएम समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इनकी तैनाती जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर है। कर्मचारी समान कार्य के लिए समान वेतन, स्थायीकरण, वेतन विसंगतियां दूर करने और कैशलेस उपचार की सुविधा देने की मांग कर रहे हैं।
मोहसिनपुर मंसूरपुर केंद्र पर ताला
रविवार सुबह 11:27 बजे अकबरपुर के मोहसिनपुर मंसूरपुर केंद्र में सुबह 11:27 बजे ताला बंद मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि हर बार रविवार को अस्पताल खुलता था। इस बार बंद है ऐसे में उपचार के लिए कई मरीज बिना दवा कराए वापस लौट गए।
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नहीं खुला शहजादपुर पीएचसी
अकबरपुर के शहजादपुर पंडा टोला में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। यहां पर अधिकतर एनएचएम के कर्मचारियों की तैनाती है। ऐसे में उनके बहिष्कार के कारण केंद्र नहीं खुला। सुबह 11:38 बजे दवा कराने आए छिनकू ने बताया कि उन्हें बुखार आने पर दवा लेनी थी, लेकिन केंद्र पर ताला लटक रहा है।
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केंद्र खुला, डॉक्टर नहीं
बसखारी के मुंडेरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक नहीं थे। दोपहर 12:00 बजे कर्मचारी मरीजों को केवल दवाएं देकर वापस कर रहे थे। नौरहनी निवासी काजू त्रिपाठी ने बताया शरीर में खुजली थी। दिखाने आए थे, लेकिन डाक्टर नहीं थे। कर्मचारी ने ट्यूब दिया है।
जलालपुर आरोग्य मंदिर पर ताला
जलालपुर स्थित महिला अस्पताल पर संचालित जन आरोग्य मंदिर केंद्र रविवार को बंद मिला। दोपहर 01:21 बजे अस्पताल के सुरक्षाकर्मी से पूछा गया तो बताया कि आज कोई डॉक्टर नहीं है।
अधीक्षकों से मांगी गई रिपोर्ट
कार्य बहिष्कार को देखते हुए सीएचसी पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। कुछ केंद्रों के बंद होने की जानकारी मिली है। इसके लिए सभी अधीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। इस तरीके के लापरवाही ठीक नहीं है। - डॉ. प्रमोद कुमार, सीएमओ