जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जलालपुर शिया समुदाय में पवित्र तीर्थ स्थलों की यात्रा को लेकर उत्साह, भक्ति, प्रेम और जुनून देखने को मिलता है। लगभग 1400 वर्ष बीत जाने के बाद भी दुनिया के लोग सैय्यद अल-शुहादा हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) में आस्था रखते हैं।
ये विचार इमाम रजा के काफिले के शिक्षक मौलाना मुहम्मद हैदर ने पवित्र तीर्थस्थलों की यात्राओं की शृंखला में मजलिस सैयद अल-शुहादा के दौरान व्यक्त किए। मौलाना ने आगे कहा कि जियारत अल्लाह की इच्छा के अनुसार एक बहुत लोकप्रिय कार्य है। इसी सीरत व सुन्नत पर अमल करने की नीयत से करवाने के लिए शुक्रवार को दरगाह हजरत कासिम जलालपुर से जायरीनों का समूह रवाना हुआ।
इस मौके पर मौलाना अशफाक हुसैन प्रिंसिपल हैजा ए इल्मिया बकियतुल्लाह, मास्टर अमीर हैदर, हुर, मौलाना करार हुसैन तुराबी, मास्टर मोहम्मद बेलाल, मेहदी रजा, फेरासत हुसैन, हाजी फरमान रज़ा, जर्रार हुसैन, मोहम्मद अब्बास, मास्टर आलम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।