भीषण गर्मी के बीच जिले में पेयजल का संकट गहराता जा रहा है। साधारण हैंडपंपों ने तो पानी देना ही लगभग बंद कर दिया है तो इंडिया मार्का-टू हैंडपंपों से भी कम पानी निकल रहा है। इसके अलावा 30 से 35 फीट बोरिंग वाले नलकूपों ने पूरी तरह पानी देना बंद कर दिया है तो 100 फीट बोरिंग वाले नलकूपों से कम पानी निकल रहा है।
आमतौर पर जिले के विभिन्न विकास खंड क्षेत्रों में जलस्तर लगभग आठ फीट नीचे चला गया। सबसे बड़ा संकट भीटी विकास खंड क्षेत्र में है। वहां जलस्तर लगभग 12 फीट नीचे चला गया है। नतीजतन एक-एक बाल्टी पानी के लिए ग्रामीणों को एक हैंडपंप से दूसरे हैंडपंप तक चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
लगातार गहराते पेयजल संकट के बाद भी संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जल संरक्षण को लेकर जिले में किसी प्रकार की गंभीरता न दिखाए जाने का ही नतीजा है जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जलस्तर तेजी के साथ गिरता जा रहा है।
लगातार गिरते जलस्तर का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भीटी विकास खंड में जलस्तर लगभग 12 फीट नीचे चला गया है। इससे साधारण हैंडपंपों ने तो पानी देना ही छोड़ दिया है जबकि इंडिया मार्का-टू हैंडपंपों से भी कम पानी निकल रहा है। इसके अलावा ऐसे नलकूप जिनकी बोरिंग 30 से 35 फीट है, वे पानी देना ही बंद कर दिये हैं।
ऐसे नलकूपों की संख्या 35 से अधिक है, जबकि जिनकी बोरिंग लगभग 100 फीट है, उनसे कम पानी निकल रहा है। ऐसे नलकूपों की संख्या 15 से अधिक है। नतीजतन एक-एक बाल्टी पानी के लिए ग्रामीणों को इधर-उधर दौड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इसके अलावा अन्य विकास खंड क्षेत्रों में भी जलस्तर लगभग आठ फीट नीचे चला गया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में भी ज्यादातर साधारण हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है तो इंडिया मार्का हैंडपंप भी साथ नहीं दे रहे हैं।
अकबरपुर विकास खंड के अहेथा, बेवाना व रामपुर सकरवारी आदि क्षेत्रों में तो जलस्तर लगभग 10 फीट नीचे चला गया। ऐसे में एक तरफ जहां शुद्ध पेयजल के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है, वहीं फसल की सिंचाई को लेकर भी किसानों के समक्ष बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
और तो और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मनरेगा के तहत लगभग चार हजार तालाब की खोदाई तो करवा दी गई लेकिन उसमें अब तक पानी डालने की सुध नहीं ली गई। ऐसे में भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए मवेशियों के समक्ष भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है।